तहसीलदार सदर के आदेश पर भभियार डंगरूपुर गांव सभा में सरकारी चकरोड से अवैध कब्जा हटाने पुलिस और पीएसी के साथ राजस्व की टीम पहुंची और रघुनाथ यादव को बेदखल कर जमीन कब्जामुक्त कराई गई। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर निजी रंजिश के चलते बिना नाप-जोख और बिना अधिकारियों की मौजूदगी में मनमानी कार्रवाई कराने, पुराना खड़ंजा तुड़वाने और बस्ती का रास्ता बंद कराने का गंभीर आरोप लगाया।
रघुनाथ यादव द्वारा सरकारी चकरोड पर कब्जा किए जाने के मामले में तहसीलदार सदर की अदालत से पहले ही बेदखली का आदेश पारित हो चुका था। बुधवार को तहसीलदार सदर संत विजय सिंह और नायब तहसीलदार जाल्हूपुर शैलेश सिंह के नेतृत्व में चौबेपुर पुलिस व भारी संख्या में पीएसी बल मौके पर पहुंचा और राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर चकरोड को कब्जामुक्त कराया। पिछले महीने जब क्षेत्रीय लेखपाल सतीश यादव कब्जाधारी को नोटिस देने गांव पहुंचे थे, तो उन पर हमला कर सरकारी नक्शा और जरूरी दस्तावेज फाड़ दिया था। इस घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले गांव निवासी सतीश से लेखपाल की कहासुनी हुई थी, जिसके बाद लेखपाल ने निजी रंजिश में बुलडोजर लगवाकर पुराना खड़ंजा तुड़वा दिया। पूर्व प्रधान विनोद पांडेय, रीना राजभर, भाजपा के पूर्व महामंत्री अनिल तिवारी सहित कई ग्रामीणों ने मौके पर लेखपाल से नाप-जोख कराने और गांव के अन्य अतिक्रमण स्थलों पर भी समान कार्रवाई की मांग की।