08 नवंबर से नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक जमा कराए गए 500-1000 के पुराने नोटों का नया सच जल्द ही सामने आएगा।
कितने पुराने नोट, कब और कहां जमा किए गए, के साथ ही यह भी खुलासा होगा इसमें कितनी करेंसी जाली है और इससे सरकार को कितना नुकसान हुआ है।
बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम इसका पता लगाने में जुट गई है।
नोटबंदी के निर्धारित दो माह की अवधि में बैंकों, डाकघरों में बदले और खातों में जमा किए गए पुराने नोटों का नए सिरे से ब्योरा तलब किया है।
इसमें खातों में जमा नोटों का आंकड़ा तो कंप्यूटर में दर्ज होने की वजह से आसानी से मिल गया लेकिन बदले गए नोटों के साथ ही एकमुश्त सरकारी विभागों के जमा नोटों के असली-नकली होने के साथ ही विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई थी।
एसबीआई के डीजीएम संजय मिश्रा ने कहा कि आरबीआई के निर्देश पर बैंक में जमा किए जाने के बाद बक्सों में रखे नोटों की जांच शुरू हो गई है। जिन जगहों पर गड़बड़ी मिल रही है, उन्हें सूचना भेजी जा रही है।