संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। भीषण ठंड के बढ़ते प्रकोप के साथ ही रजाई और गद्दे का कारोबार एक बार फिर गरमाने लगा है। जहां एक ओर गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर रजाई–गद्दे की दुकानों पर भी खरीदारी का माहौल बना हुआ है। वहीं रजाई गद्दे की मांग भी दो गुना तक बढ़ी है।
इधर चार-पांच दिनों से तापमान काफी नीचे आ गया है, जिससे लोगों ने ठंड से बचाव के लिए रजाई और गद्दों की ओर रुख किया है। बाजार में साधारण रुई से बने रजाई और गद्दे 800 से 1000 रुपये के बीच बिक रहे हैं, जबकि बढ़िया किस्म की रुई से तैयार गद्दों की कीमत 1500 रुपये या इससे अधिक है। अच्छी गुणवत्ता वाली रजाइयों की कीमत 2000 रुपये से ऊपर बताई जा रही है। इसके अलावा लोग पुरानी रजाई को नई बनवाने के लिए भी दुकानों पर पहुंच रहे हैं। शहर के प्रमुख इलाकों सिधारी, चौक, मुकेरीगंज, हरबंशपुर, तकिया सहित अन्य स्थानों पर रजाई–गद्दे की दुकानें सजी हुई हैं।
दुकानदार प्रदीप जायसवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में ठंड काफी बढ़ गई है। पांच दिन पहले तक जहां चार से पांच लोग आते थे। वहीं अब 10 से 12 ग्राहक रोज खरीदने आ रहे हैं। जिसके चलते रजाई और गद्दों की मांग अचानक बढ़ गई है।
दुकानदार दिनेश बरनवाल ने बताया कि साधारण रुई 125 से 175 रुपये किलो बिक रही है जबकि फाइबर की रुई 280 से 300 रुपये किलो है। एक रजाई बनवाने में चार से पांच किलो साधारण रुई लग जाती है। फाइवर रुई की रजाई ढाई से तीन किलो रुई लगती है। दुकान से रुई फरद खरीदकर लोग धुनिया से नई रजाई बनवा रहे हैं।