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सैलरी डे के दूसरे दिन बैंकिंग ध्वस्त

Sat, 03 Dec 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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कचहरी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से रुपये निकालने के लिए लोगों की लगी रही भीड़।
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नोटबंदी के बाद स्थिति लगातार बिगड़ रही है। शुक्रवार को बैंकों और डाकघरों में दोपहर होते-होते नकदी खत्म हो गई। पूरे दिन बैंक के अधिकारी और कर्मचारी करेंसी चेस्ट का चक्कर लगाते रहे। बावजूद इसके लोगों की जरूरत नहीं पूरी कर सके। सैलरी डे के दूसरे दिन दोपहर बाद बैंकों और डाकघरों से तमाम वेतन और पेंशनभोगी दूसरे दिन भी निराश लौटे। एसबीआई कैंट रेलवे स्टेशन, मुख्य शाखा कचहरी, नदेसर, कबीरचौरा, लहरतारा शाखा, केनरा बैंक लहरतारा, यूबीआई कबीरचौरा व लहरतारा सहित कई जगहों के एटीएम में कैश नहीं था। अन्य कई बैंकों के एटीएम पर कैश न होने का बोर्ड लगा रहा।
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महीने की शुरुआत होने से नकदी संकट का असर तकरीबन हर परिवार पर नजर आ रहा है। माह के शुरुआत में बच्चों की फीस, दूध वाले का पैसा, घर व दूकान का किराया आदि देने के लिए लोगों के पास पर्याप्त नकदी नहीं है। कुछ रुपये जेब में हैं तो इससे रोज के छिटपुट खर्च का काम चल रहा है। शहर और ग्रामीण इलाकों में बैंकों से अधिकांश लोगों को रुपये नहीं मिले। सबसे खराब स्थिति काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक और डाकघरों की रही। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि पर्याप्त करेंसी न मिलने के कारण हम खातेदारों को भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। प्रधान डाकघर, कैंट के डाक अधीक्षक जीएस सिंह ने  ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में भी शुक्रवार को लाइन लगी लेकिन दोपहर बाद भीड़ कम हो गई। कारण, समय से पहले ही पैसा खत्म हो गया। रोहनिया क्षेत्र के मोहन सराय के काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैक में 2.45 बजे ही कैश खत्म हो गया। लोगों ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए शाखा प्रबंधक डीके श्रीवास्तव से शिकायत की तो उन्होंने यूनियन बैंक से पूरा पैसा न मिलने का हवाला दिया। एसबीआई, यूको बैंक जगतपुर, इलाहाबाद बैंक पर गए लोगों को भी कैश संकट से जूझना पड़ा।


पिंडरा क्षेत्र में फूलपुर स्थित बैंक आफ इंडिया, पिंडरा के बैंक आफ बड़ौदा और एसबीआई सिंधोरा में कैश की किल्लत की वजह से लोगों को रुपये नहीं मिल सके। यहां एटीएम में भी रुपये नहीं डाले जा सके। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक पिंडरा, फूलपुर में लोगों की बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों से नोंकझोंक हुई। चौबेपुर में एसबीआई शाखा में बैंक खुलने से पहले लाइन तो लगी रही लेकिन दोपहर बारह बजते-बजते रुपये खत्म हो गए। यहां अरविंद यादव, अशोक राम आदि ने बैंक कर्मचारियों पर चेहतों को रुपये देने का आरोप लगाया। रामनगर के एक्सिस बैंक के एटीएम को छोड़कर बैंक आफ बड़ौदा, एसबीआई समेत कई बैंकों के एटीएम नोटबंदी के फैसले के बाद से अब तक नहीं खुले हैं। मिर्जामुराद स्थित एसबीआई एटीएम, सब्जी मंडी स्थित बैंक ऑफ़  बड़ौदा का एटीएम, केआईटी कैंपस स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से भी नोट निकासी बंद है।
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मिर्जामुराद। एसबीआई की ब्रांच में शुक्रवार को वेतन एवं पेंशन भोगियों की वजह से बैंक मे ंतमाम लोग पहुंच गए। इसी बीच सुरक्षा कर्मियों द्वारा शाम चार बजे की जगह तीन बजे ही बैंक का गेट बंद करने की कोशिश की गई। इस पर भीड़ लाइन तोड़कर बैंक में घुस गई। आराजीलाइन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव जयापुर के दोनों बैंक यूबीआई व सिंडिके ट बैंक मे ग्राहकों को पूरे दिन भुगतान होता रहा। यहां लोगों को भीड़ तो लग रही है पर उन्हें भुगतान हो रहा है। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक शहंशाहपुर में भी कमोवेश यही स्थिति है। जक्खिनी के यूबीआई जक्खिनी के शाखा प्रबंधक अभिषेक सिंह ने कहा कि सबको भुगतान किया जा रहा है।


शहर के बैंकों में करीब दस से बारह लाख रुपये के दस के सिक्के आ गए हैं। गुरुवार देर शाम पंजाब नेशनल बैंक को अकेले करीब सात लाख रुपये तक  के दस के सिक्के मिले, जिसे शुक्रवार से बैंक की शाखाओं में बांटा गया। कुछ दिन पहले प्रधान डाकघर कैंट और विश्वेश्वरगंज से सिक्के बांटे गए थे।
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