सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान आपरेशन के बहाने दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं कर सकेंगे। सीएमओ अस्पतालों में आपरेशन की मुकम्मल व्यवस्था कराएंगे और जिलाधिकारी इसकी लगातार निगरानी करेंगे। मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में हुई वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने यह निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव ने वाराणसी-गोरखपुर हाइवे निर्माण की समीक्षा के दौरान डीएम को निर्देश दिया कि वाराणसी में 50 हेक्टेयर जमीन एवार्ड कराकर मुआवजा बांटें। मुख्य सचिव ने कहा कि चिकित्सा और ऊर्जा विभाग जनता से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इनकी सेवाओं में गुणात्मक सुधार कराएं।
उन्होंने मजिस्ट्रेटों को नियमित कोर्ट में बैठकर राजस्व के लंबित वादों का निबटारा करने को कहा। साथ ही 108 और 102 एंबुलेंस का दुरुपयोग न करने की हिदायत दी। अधिकारियों को निर्देश किया कि सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में रह कर जनता की समस्याएं सुनें। उन्होंने जिला अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने और बिजली विभाग को फीडरवार लाइन लास कम करने को कहा। उन्होंने भारत स्वच्छता मिशन के तहत कई गांवों को खुले में शौचमुक्त कराने की जानकारी पर प्रसन्नता जताई।
अगस्त में समाजवादी किसान बीमा योजना होगी लागू
कृषक दुर्घटना बीमा योजना अब नए स्वरूप में समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के रूप में एक अगस्त से लागू की जाएगी। राजस्व अभिलेखों में दर्ज सभी खतौनी धारक किसानों और 75 हजार वार्षिक आय वाले परिवार चाहे किसी भी व्यवसाय से जुड़ें हों, उसके मुखिया को इसका लाभ मिलेगा। पूरे मंडल में 19,76,400 लाभार्थी हैं।
इस योजना में बीमा पूरी तरह से नि:शुल्क और प्रीमियम रहित होगा। बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर 5 लाख और दुर्घटना पर 2.5 लाख रुपये मिलेंगे। दुर्घटना होने पर मुफ्त चिकित्सा की सुविधा भी मिलेगी। अभियान चलाकर पात्रों का चयन किया जाएगा।