श्री काशी विश्वनाथ धाम में भवनों की संख्या अब 316 पहुंच गई है। दशाश्वमेध वार्ड के दो और भवनों को धाम के नाम करा लिया गया है। दोनों भवनों की रजिस्ट्री श्री काशी विश्वनाथ धाम के नाम हो गई। कॉरिडोर क्षेत्र से सटे दोनों भवन के मालिकों ने दोनों भवन मंदिर प्रशासन को सौंप दिया। हालांकि दोनों भवन भी जर्जर हो चुके थे।
50 हजार वर्ग मीटर में तैयार हो रहे श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंदिर प्रशासन ने डी-1/43 और डी-1/44 भवनों की रजिस्ट्री करायी है। कॉरिडोर के लिए इसे दो-दो करोड़ रुपये में खरीदा गया है। फरवरी में ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण के दौरान दोनों जर्जर भवनों को कॉरिडोर में शामिल करने का निर्देश दिया था। मंदिर प्रशासन ने जब भवन मालिकों से बात की तो वह तैयार हो गए। सीएम के निर्देश के बाद मंदिर प्रशासन ने अब तक 19 भवन खरीद लिए हैं। कॉरिडोर के लिए काम शुरू होने से पहले करीब 400 करोड़ रुपये से 297 भवनों का अधिग्रहण किया गया था। जिसमें मणिकर्णिका घाट, लालिता घाट और लाहौरी टोला के भवन शामिल हैं।
जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार
लखनऊ से शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी भवन प्रखंड के मुख्य अभियंता राकेश सक्सेना और एसई पवन वर्मा करेंगे की दो सदस्यीय टीम ने गोयनका छात्रावास के हादसे की जांच पूरी कर ली। घटनास्थल पर पूछताछ करने के बाद शुक्रवार को टीम लौट गई। टीम ने कॉरिडोर के एक-एक भवनों की जानकारी लेने के साथ ही उसमें सुरक्षा के बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की है। इसके साथ ही कॉरिडोर से सटे जर्जर भवनों की भी रिपोर्ट तैयार की गई है। टीम अपनी पूरी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।