महाकुंभ के दौरान वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर महाकुंभ के दौरान वाहनों का दबाव रहा। वाहनों के बढ़े दबाव का असर रहा कि हाईवे पर एक महीने में हादसे भी खुब हुए। बीते एक महीने में जिले में 23 सड़क हादसे हुए। जिसमें 12 लोगों की मौत और 70 लोग घायल हुए। इसमें 13 सड़क हादसे हाईवे पर हुए हैं। जिसमें आठ लोगों ने जान गंवाई और 61 लोग घायल हुए हैं।
अधिकतर हादसे हाईवे किनारे खड़ी गाड़ियों में टक्कर से हुए। चार पहिया वाहन सबसे अधिक हादसे का शिकार हुए। प्रयागराज के संगम तट पर बीते 13 जनवरी से महाकुंभ का उत्सव शुरू हुआ। प्रयागराज से सटा जनपद होने के कारण जिले में भी प्रयागराज का वैभव देखा गया। जिले की सीमा से होकर गुजरने वाले वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर महाकुंभ के उत्सव के बीच जमकर वाहन चले।
आम दिनों में इस हाईवे पर जहां औसतन हर दिन 12 हजार वाहनों का आवागमन होता है। वहीं महाकुंभ शुरू होने के बाद से ही अचानक हाईवे पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ा और प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार वाहनों का आवागमन हुआ। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी, एकादशी और माघी पूर्णिमा जैसे विशेष स्नान पर्वों पर जबरदस्त भीड़ देखी गई।
मौनी अमावस्या पर तो प्रयागराज हादसे के बाद पूरे हाईवे को ब्लॉक कर दिया गया था। जिले की सीमा में चार जगहों पर 13 हजार वाहनों को रोका गया था। हाईवे पर वाहनों की भीड़ बढ़ी तो दुर्घटनाएं भी बढ़ीं। बीते एक महीने में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर जिले की 42 किमी सीमा में 13 हादसे हुए।
जिसमें आठ लोगों को जान गंवानी पड़ी। वहीं 61 लोग घायल हो गए। हाईवे पर महाकुंभ के कारण चार पहिया वाहनों की भीड़ अधिक थी। इसलिए चार पहिया वाहन ही दुर्घटना के अधिक शिकार हुए।
सड़क किनारे खड़े वाहन की टक्कर से अधिकतर हुए हादसे
महाकुंभ के दौरान हाईवे पर जगह-जगह बने होटल और ढाबों पर श्रद्धालु अपनी वाहन खड़ा कर भोजन और नाश्ता करते हैं। महाकुंभ के दौरान अधिकतर दुर्घटनाएं इन्हीं खड़े वाहनों में पीछे से टक्कर होने से हुईं। बीते नौ फरवरी को ऊंज के सूफीनगर के पास हाईवे किनारे खड़े ट्रेलर में एक कार पीछे से जा टकराई।
जिससे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बीते 11 फरवरी को गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के लालानगर टोल प्लाजा पर बाइक सवार ट्रेलर में पीछे से टकरा गया। जिससे महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। बीते आठ फरवरी को औराई में हाईवे पर पंचर ठीक कर रहे पिकअप से वाहन टकरा गया। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
विशेष स्नान पर्वों पर भीड़ बढ़े तो हादसे में भी हुआ इजाफा
महाकुंभ के दौरान विशेष स्नान पर्वों पर जब वाहनों की भीड़ बढ़ी तो दुर्घटनाओं में और भी इजाफा हुआ। एकादशी स्नान के समय हाईवे पर दो दिनों में चार हादसे हुए थे। इसी तरह माघी पूर्णिमा के स्नान के दौरान भी करीब चार हादसे हुए। विशेष स्नान पर्वों पर तो वाहनों की संख्या 40 से 45 हजार तक पहुंच जा रही थी।