इस पहल में शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशकों के साथ-साथ गांव के उत्साही युवाओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। इन युवाओं को बाल पथिक व युवा पथिक का दर्जा भी दिया गया है।
कोरोना काल खत्म होने के बाद स्कूल खोलने पर इन युवा पथिक और बाल पथिकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पुरस्कृत भी किया जाएगा। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से मोहल्ला पाठशाला भी संचालित की गई है।