गीता जयंती महोत्सव में विचार व्यक्त करते वक्ता। संवाद
इस्कॉन (हरे कृष्ण आंदोलन) की ओर से अक्षय पात्र फाउंडेशन परिसर में सोमवार को गीता जयंती महोत्सव में वक्ताओं ने कहा कि गीता का संदेश सदैव मानवता को ज्ञान, सद्भाव, सत्य और कर्तव्य के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। शुभारंभ इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के जीवन एवं उनके वैश्विक योगदान के स्मरण से हुआ।
मुख्य अतिथि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय, विशिष्ट अतिथि बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। विद्यार्थियों को गीता अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। युधिष्ठिर कृष्ण दास ने कहा कि गीता के संदेश को विश्व की 50 से भी अधिक भाषाओं में पहुंचाकर मानवता को सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। दिनभर आयोजित तीन सत्रों में श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों का शास्त्रीय एवं सुसंस्कृत पाठ हुआ। महोत्सव का समापन भव्य महाआरती से हुआ। इसके बाद लगभग 1200 भक्तों, विद्यार्थियों एवं अतिथियों को महाप्रसाद वितरित किया गया।
मोक्षदा एकादशी पर श्री हरिश्चंद्र इंटरमीडिएट कॉलेज के भारतेंदु सभागार में गीता जयंती एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल थे। प्रधानाचार्य डॉ. उमेश कुमार सिंह के अनुसार श्रीमद्भागवत गीता विषयक विविध प्रतियोगिताएं प्रह्लादराय झुनझुनवाला स्मृति गीता स्वाध्याय केंद्र की ओर से आयोजित की गई थीं। इसमें 35 विद्यालयों के 210 बच्चों ने हिस्सा लिया। इसमें श्रेया त्रिपाठी, प्रभा पांडेय, साक्षी गौतम, सिद्धेश मिश्रा, अदिति श्रीवास्तव, प्रज्ञा पांडेय आदि को पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्य ने बच्चों को कर्मपथ पर चलने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर गीता प्रतियोगिता के आयोजक गीता मर्मज्ञ एवं गीता स्वाध्याय केंद्र के मंत्री दीनानाथ झुनझुनवाला, अध्यक्ष कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि उमेश कुमार सिंह अपर आयुक्त उद्योग वाराणसी मंडल, डॉ. राम सुधार सिंह आदि रहे। संचालन प्रीति यादव, सिद्धिनाथ कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. उमेश कुमार सिंह ने किया।