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प्रतिमा के हाथों में सजी क्रिकेटर ईशांत के नाम की मेंहदी, आज होगी शादी

Fri, 09 Dec 2016 02:20 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, वाराणसी
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pratima singh mehandi - फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ईशांत शर्मा और उनकी मंगेतर अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रतिमा सिंह के दिल्ली स्थित घर पर गुरुवार को मेंहदी की रस्म पूरी की गई। इस मौके पर दोनों परिवारों के सदस्यों के अलावा खास मेहमान और चुनिंदा दोस्त भी मौजूद रहे।
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ईशांत के घर जहां पंजाबी गीतों का तड़का लगा वहीं प्रतिमा के घर पर आयोजित लेडीज संगीत में पुरबिया माटी की खुसबू बिखरी। मेंहदी की रस्म के लिए मंडप की भव्य सजावट की गई थी ।मालूम हो कि दोनों खिलाड़ी हरियाणा स्थित नोटिंग हिल्स फार्म हाउस में सात फेरे लेंगे। इस मौके पर दोनों परिवारों के रिश्तेदार, दोस्त के अलावा भारतीय एक दिवसीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह समेत टीम इंडिया के कई मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी शरीक होंगे। इसके अलावा बनारस से करीब दर्जनभर लोग उनके परिवारिक मित्र और रिश्तेदार दिल्ली गए हैं और शादी में शरीक होंगे।
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प्रतिमा की बड़ी बहन दिव्या ने बताया कि शादी की तैयारी पूरी हो चुकी है। खास रिश्तेदारों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रतिमा का परिवार यहां वाराणसी के शिवपुर इलाके में रहता है। वे पांच बहनों में सबसे छोटी हैं।

उनकी बड़ी बहन दिव्या सिंह भारत की अंडर-16 पुरुष बास्केटबाल टीम की कोच हैं जबकि उनकी एक अन्य बहन प्रशांति सिंह भारतीय महिला बास्केटबाल टीम की मौजूदा कप्तान हैं।
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पहली ही मुलाकात में प्रतिमा को दिल दे बैठे थे ईशांत

pratima singh mehandi - फोटो : अमर उजाला
प्रतिमा की सबसे बड़ी बहन प्रियंका सिंह बास्केटबाल कोच हैं। जबकि चौथे नंबर की बहन आकांक्षा भी राष्ट्रीय बास्केटबाल टीम की सदस्य हैं। इकलौता भाई विक्रांत सोलंकी राष्ट्रीय स्तर का फुटबालर है।
इनके पिता गौरीशंकर सिंह बैंक सेवा से रिटायर्ड हैं जबकि मां उर्मिला सिंह हाउस वाइफ हैं। मालूम हो कि बीते 19 जून को दिल्ली में ही आयोजित एक समारोह में दोनों की मंगनी हुई थी। ईशांत की प्रतिमा से पहली मुलाकात बास्केटबाल कोर्ट पर हुई थी।

वाकया साल 2011 का है। रीबा बास्केटबाल लीग के समापन समारोह में ईशांत बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। यहीं मैच के दौरान प्रतिमा पर उनकी नजर पड़ी। वे उनके दमदार खेल से इतने प्रभावित हुए कि मैच खत्म होने के बाद उनसे मुलाकात की। पहली ही मुलाकात में वे प्रतिमा को दिल दे बैठे।
फिर दोस्ती का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों ने एक दूजे का होने का फैसला कर लिया। इसकी तस्दीक प्रतिमा की बड़ी बहन आकांक्षा भी करती हैं। महंनी के बाद पिछले दिनों ईशांत वाराणसी आए थे। इस दौरान उन्होंने सुबहे बनारस का नजारा लिया।

मंगेतर प्रतिमा की फैमिली के साथ उन्होंने उन्होंने यह टूर इंज्वाय किया। शाम को विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भी शरीक हुए। गंगा आरती देख वे अभिभूत हो गए। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे अविस्मरणीय पल करार दिया था।
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