थाना क्षेत्र के रुप्पनपुर नटुई गांव से दो दिन पहले संदिग्ध हाल में लापता प्रहलाद राजभर (18) की हत्या कर दी गई। कातिलों ने सिर पर प्रहार कर उसकी जान ली। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर उसका शव रंगीलदास कुटी (तलमापुर) स्थित पोखरे में फेंक कर भाग गए। शनिवार की सुबह मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को रस्सी में बांधकर बाहर निकाला। शव से खून रिस रहा था। हाथ पर कई जगह फफोले पड़े थे। इसे देखकर आशंका जताई जा रही थी कि कातिलों ने हत्या के बाद शव को जलाने की भी कोशिश की रही होगी। सारनाथ पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुटी है।
रुप्पनपुर नटुई गांव निवासी ट्राली चालक लाला राजभर का पुत्र प्रहलाद राजभर 16 जुलाई की रात अपने घर से संदिग्ध हाल में लापता हो गया था। वह घर पर ही रहकर मजदूरी करता था। परिवारीजन उसकी तलाश कर रहे थे लेकिन उसका पता नहीं चल रहा था। शनिवार की सुबह रंगीलदास कुटी परिसर स्थित पोखरे में कुछ लोगों ने एक युवक का शव उतराया देखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। रस्सी में बांधकर शव बाहर खींचा गया। तब तक आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो चुकी थी। मौके पर जुटे लोग शव को रस्सी में बांधकर बाहर निकाले जाने पर नाराज हो उठे। उनका कहना था कि पुलिस का यह तरीका उचित नहीं था।
मानवीय आधार पर ऐसा नहीं होना चाहिए। उधर, शव मिलने की सूचना पर लाला राजभर अपनी पत्नी गीता देवी के साथ पोखरे पर पहुंचे। गीता देवी ने शव की शिनाख्त अपने पुत्र प्रहलाद के रूप में की। प्रहलाद के सिर और चेहरे पर ईंट से कई प्रहार किए गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थानाध्यक्ष सारनाथ अमित श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रहलाद चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी हत्या से मां सहित परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।