जिले के जो भी विद्यालय मिशन शिक्षण संवाद से जुड़े हुए हैं, वहां मिड डे मील से पहले बच्चे भोजन मंत्र पढ़ते हैं। जिले के कई शिक्षक व प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में किए गए इनोवेटिव कार्यों को ग्रुप में साझा करते हैं। ताकि दूसरे शिक्षक प्रेरित हों। किसी शिक्षक ने बच्चों को अच्छे से पढ़ाने का कोई नया तरीका खोजा तो उसे ग्रुप पर शेयर किया जाता है।
आखर से भेंट कराती बोलती पुस्तक
कोरोना काल में बंद स्कूलों में बच्चों को कविताएं याद कराने के लिए जिले के नवाचारी शिक्षकों ने एक पहल की। एक बार फिर से कक्षाओं के साथ घरों में भी कविताओं की गूंज सुनाई देने लगी है। ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे बच्चों को ध्यान में रखकर शिक्षकों ने ‘बोलती पुस्तक’ नाम से ई-बुक तैयार की है। जो बच्चों को आखर और कविताएं सिखा रही है। इस ई-बुक का उद्घाटन बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने किया था।
मिशन शिक्षण संवाद के तहत प्रदेश भर के नवाचारी शिक्षकों ने अलग-अलग कक्षाओं की हिंदी और अंग्रेजी पाठ्य पुस्तकों को न सिर्फ डिजिटल बल्कि ऑडियो-विजुअल रूप दे दिया। रविंद्र सिंह ने बताया कि बोलती पुस्तक के लिए शिक्षकों ने स्वर भी दिए हैं। इनमें जौनपुर के शिवम सिंह, फतेहपुर की गीता यादव, उन्नाव की स्नेहिल पांडेय, झांसी के जार्ज एंथोनी और पूजा सचान शामिल है। तकनीकी पक्ष हमीरपुर के वीरेंद्र परनामी ने संभाला है।