संकट मोचन मंदिर में विदेशी का बैग चेक करती पुलिस।
आतंकी हमले की आशंका से जुड़े खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर जिले में हाई अलर्ट घोषित किए जाने के साथ ही सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गई है। बुधवार को कचहरी परिसर, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख मंदिरों, घाटों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान बांग्लादेशी रिक्शा चालकों सहित कुछ अन्य लोगों से संदेह के आधार पर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने पूछताछ की। सभी का नाम, पता सहित अन्य विवरण दर्ज किया गया। शहर भर में अचानक तलाशी अभियान से एकबारगी आम जन सहम गए लेकिन कहीं कोई आपत्तिजनक वस्तु या संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में सूचना की पुष्टि नहीं हुई।
खुफिया इनपुट के आधार पर आईजी जोन एसके भगत सुबह फोर्स के साथ अचानक कचहरी परिसर पहुंचे। एसएसपी आकाश कुलहरि भी साथ थे। आईजी जोन ने कचहरी परिसर के चप्पे-चप्पे का भ्रमण किया और सभी प्रवेश द्वार पर लगे डोर मेटल डिटेक्टर चेक किए। यहां खराब पड़े डोर और हैंड मेटल डिटेक्टर तत्काल बदलवाए गए। आईजी ने इस दौरान मातहतों को ताकीद की कि लगातार चौकसी बरतें। कचहरी में संदिग्ध प्रतीत होने वालों से तत्काल पूछताछ की जाए। सतर्कता और निगरानी में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि कोई भी लावारिस सामान या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस दौरान एसएसपी ने बंदियों के लॉकअप रूप से अनावश्यक सामान तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उधर, जिले में हाई अलर्ट घोषित होने के साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस और एलआईयू के जवानों ने काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र, संकटमोचन मंदिर, दुर्गा मंदिर सहित शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों और घाटों पर तलाशी अभियान चलाया।
एसएसपी ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को ताकीद की गई है कि अपने क्षेत्र के होटलों और इस तरह के अन्य स्थानों का औचक निरीक्षण करेें। यह पुष्ट करें कि वहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के नाम-पते का विवरण और उसका प्रमाण लिया जा रहा है या नहीं। सतर्कता और निगरानी में जरा भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित थानेदार को तत्काल निलंबित किया जाएगा।