आजमगढ़ पुस्तक मेले के तीसरे दिन सोमवार को ‘मेरा इतिहास मेरा गौरव’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन हुआ।
मुख्य वक्ता डॉ. सौम्यसेन गुप्ता ने कहा कि आजमगढ़ का इतिहास गौरवशाली है। इस पर हम सभी को गर्व है। इतिहास हमें जीवन दृष्टि देता है। वैज्ञानिक क्रांति के इस दौर में उन सभी सफलताओं को इतिहास ही शब्द देता है, जिससे नई पीढ़ी लाभान्वित होती है। अध्यक्षता करते हुए राहुल सांकृत्यायन जन इंटर कॉलेज के प्राचार्य अंजनी कुमार दुबे ने कहा कि इस पुस्तक मेले के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को अपने नायकों को जानने का अवसर मिलेगा। इससे प्रेरित होकर विद्यार्थी बेहतर भविष्य की राह बनाएंगे।
शिब्ली नेशनल डिग्री कालेज के प्रोफेसर डा. अलाउद्दीन ने कहा कि आजमगढ़ की धरा पर ऐसे मनीषी पैदा हुए हैं। जिस पर हम सभी को नाज है। हमें अपने पूर्वजों से प्रेरणा लेकर अपने वर्तमान तथा भविष्य को सवंारना होगा।
संस्कृतिकर्मी राजीव रंजन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपने गौरवशाली इतिहास को विश्वपटल पर अंकित किया है अब नयी पीढ़ी भी ऐसा इतिहास बनाये जिस पर पूरा देश गौरव करे। इस अवसर पर डा. मालती मिश्रा, डा. मनीशा मिश्रा, दिनेश पांडेय, मयंक सिंह, वंदना राय आदि उपस्थित थे।
गुरुनानक देव जी को समर्पित रहा पुस्तक मेला
पुस्तक मेलेे के तीसरे दिन गुरुनानक जयंती के अवसर पर पुस्तक मेले को गुरुनानक देव जी को समर्पित किया गया। इस अवसर पर संस्कृतिकर्मी राजीव रंजन ने गुरुग्रन्थ साहिब पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जी का आजमगढ़ से गहरा रिश्ता था। निजामाबाद में स्थित ऐतिहासिक गुरूद्वारा जहां पर गुरुनानक जी ने तप किया था जहां उनकी चरणपादुका आज भी स्मृति स्वरूप रखी हुई है। उनके विचार सदा ही हमारा मार्गदर्शन करेंगी।
कार्यशाला में प्रतिभागी बच्चे हुए सम्मानित
स्मृति राय के संयोजन में संचालित कार्यशाला में राहुल सांकृत्यायन जन इंटर कालेज की दसवीं की छात्रा आरोही, बारहवीं की अक्षिता, नवीं की रोशनीएवं राहुल चिल्ड्रेन एकेडमी की बालाजी, सोनाली एवं तनुश्री कक्षा आठवीं को कार्यशाला में बेहतर प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया। पुस्तक मेले का चौथा दिन मंगलवार को दुर्घटना मुक्त आजमगढ़ सुरक्षित आजमगढ़ विषय पर कार्यशाला और विमर्श होगा।