विकास टोपी वाला ही कर रहा है न कि कोई छोटी दाढ़ी वाला। मंगलवार को यहां सांस्कृतिक संकुल में 805 करोेड़ रुपये की ड्रेनेज, सीवेज, एसटीपी और पेयजल की 48 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने आए नगर विकास मंत्री आजम खां ने नाम लिए बगैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कुछ इसी अंदाज में निशाना साधा। कहा कि ‘बादशाह’ (प्रधानमंत्री) ने अवाम से लेकर गंगा तक के साथ जैसी नाइंसाफी, बेईमानी, ठगी की वैसी दुनिया के किसी बादशाह ने नहीं की होगी। बादशाह को जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं। वे काशी आ रहे हैं और हमारी गुजारिश है कि इस पवित्र नगरी से देश के बूचड़खानों को बंद करने और मांस पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान करें।
अपने 47 मिनट के भाषण में आजम ने कहा कि किसी भी शहर के पांच सितारा होटल में गोमांस परोसा जाता है तो बार-बार गो हत्या को लेकर हम पर हमले क्यों होते हैं। क्या कभी किसी ने सरकार से गो हत्या करने की अनुमति मांगी। हम तो हर किस्म की हिंसा के खिलाफ हैं। जानवरों की हत्या के भी और गुजरात, राममंदिर आंदोलन और मुजफ्फर नगर में हुई हिंसा के भी। हमारी कथनी और करनी एक है लेकिन प्रधानमंत्री यदि सचमुच गोहत्या विरोधी हैं तो इस पवित्र नगरी से देश भर के बूचड़खाने बंद करने का ऐलान करें।
उन्होंने कहा कि 100 दिन में नौकरी और एकाउंट में पैसे देना का भरोसा देकर सत्ता में आई सरकार के वजीर-ए-आला अब अंतरराष्ट्रीय नेता बन चुके हैं और जल्द ही ब्रह्मांड के नेता बन जाएंगे। उन्हें सीवर, सड़क, पानी और जनता की बुनियादी सहूलियतों से क्या? लेकिन हमारे लिए यही बातें महत्वपूर्ण हैं। यहां का आदमी चाहता है कि उसकी गली बन जाए और उसके घर में शुद्ध पानी आए। यहां के सांसद ने सवा साल में बनारस को एक खोटा सिक्का तक नहीं दिया। युवाओं को नौकरी देने, विदेश से काला धन वापस लेकर सबके खाते में लाखों रुपये जमा करने, देश से गरीबी दूर करने के सपने दिखाकर देश की शीर्ष कुर्सी पर बैठने के बाद सब कुछ भूल गए। मुल्क और लोगों के साथ इतनी नाइंसाफी, बेईमानी, ठगी दुनिया के किसी बादशाह ने नहीं की।