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नकली बीज कारोबार में जिला कृषि अधिकारी को शासन ने हटाया

Sun, 29 May 2016 02:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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धान के नकली बीज के बड़े कारोबार का खुलासा होने के बाद वाराणसी समेत पांच से अधिक मंडलों में हड़कंप मच गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने शनिवार को वाराणसी के जिला कृषि अधिकारी संजय सिंह को हटा दिया। इसी के साथ नकली बीज की पैकिंग और बिक्री मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। दामिनी सीड्स के नाम पर प्रदेश भर में धान के अधोमानक नकली बीज के गोरखधंधे धंधे से अन्नदाताओं को लूटे जाने के ‘अमर उजाला’ के खुलासे के बाद यह कार्रवाई की गई। 
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उप निदेशक कृषि अरुण कुमार सिंह ने जिला कृषि अधिकारी को हटाए जाने की पुष्टि की। उधर, अफसर लगातार तीसरे दिन भी बीज कंपनियों के गोदामों, बीज भंडारों पर छापेमारी से बचते रहे ताकि नकली बीज का कारोबार करने वाली कंपनियां बाजार में फैले माल को आसानी से समेट सकें।   

दामिनी ब्रांड के नकली बीज के कारोबार में जिला कृषि अधिकारी को हटाए जाने के बाद इस मामले में कृषि विभाग के कई अफसरों और बीज कंपनियों का गला फंसने के संकेत मिले हैं। दामिनी सीड्स का कारोबार 25 से अधिक अलग-अलग कंपनियों द्वारा वाराणसी, इलाहाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर, लखनऊ मंडलों में पिछले पांच वर्षों से किया जा रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इसमें बनारस की ही एक कंपनी लिप्त है।
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जिला कृषि अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठना इसलिए भी लाजिमी है कि वह इस जिले में पिछले छह साल से जमे हुए थे। उप निदेशक कृषि एके सिंह ने बताया कि बीज बिक्री का लाइसेंस देने और इसकी निगरानी का काम जिला कृषि अधिकारी का है। इस मामले में ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेते हुए जिला कृषि अधिकारी से इस गोरखधंधे की बाबत रिपोर्ट तलब की गई है। 

उप निदेशक कृषि ने बताया कि दामिनी ब्रांड के नकली बीज के नाम पर किसानों को ठगने की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पता चला है कि वाराणसी और इलाहाबाद को ही मिलाकर पांच हजार क्विंटल से अधिक धान के नकली बीज की पैकिंग कराकर गोदामों में भंडारण कराया गया है।
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