दोगुनी लंबी होंगी कॉरिडोर में चलने वाली मालगाड़ियां, डबल कंटेनर से होगी ढुलाई
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मौजूदा समय चार से पांच दिन में नई दिल्ली से कोलकाता पहुंचने वाली मालगाड़ियों को पूर्वी फ्रेट कॉरिडोर (माल ढुलाई गलियारा) के चालू होने के बाद महज 24 घंटे लगेंगे। फ्रेट कॉरिडोर से रेलवे की माल ढुलाई का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा।
कॉरिडोर में चलने वाली मालगाड़ियां वर्तमान की तुलना में दोगुनी लंबी होंगी। डबल कंटेनर से ढुलाई होगी। कॉरिडोर के स्टेशनों पर माल उतारने-चढ़ाने, स्टोरेज तक ले जाने की अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
बुधवार को वाराणसी आए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक एके सिंह ने कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि मौजूदा समय पांच सौ से छह सौ मीटर लंबी मालगाड़ियां चलाई जा रही हैं।
फ्रेट कॉरिडोर में 1200-1300 मीटर लंबी मालगाड़ियां दौड़ेंगी। इनकी औसत रफ्तार अभी 27 से 35 किलोमीटर है, जबकि कॉरिडोर में यहां 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।
ऐसे में दिल्ली से कोलकाता के बीच 1441 किलोेमीटर की दूरी तय करने में चार से पांच दिन के बजाए महज 24 घंटे लगेंगे। कॉरिडोर में बनने वाले स्टेशनों के बीच की दूरी 60 किलोमीटर या उससे ज्यादा होगी। इससे कंजेशन के अलावा मैन पॉवर में भी कमी आएगी। वर्तमान में 10 किलोमीटर पर स्टेशन हैं।
यह है पूर्वी फ्रेट कॉरिडोर
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पूर्वी फ्रेट कॉरिडोर में दो विद्युतीकृत लाइनें होंगी। जगह कम होने के कारण लुधियाना पंजाब से खुर्ज तक यह एक लाइन का होगा।
यह माल ढुलाई का देश का सबसे बड़ा रेल गलियारा (मार्ग) है। इसकी लंबाई 1839 किलोमीटर है, जो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। कानपुर, इलाहाबाद, मुगलसराय, जिउनाथपुर और मुगलसराय प्रस्तावित जंक्शन हैं।