काशी का जगविख्यात देव दीपावली महोत्सव पूर्वांचल के कई जिलों में दीयों से जगमगाएगा। उत्तरवाहिनी गंगा के दोनों तटों पर दीपमालाएं सजाई जाएंगी। जौनपुर में गोमती का तट, सोनभद्र में सोन और कनहर नदियों के किनारों के अलावा मिर्जापुर, बलिया में भी गंगा के किनारे दीपोत्सव की लड़ियां लोगों के लिए यादगार बनेंगी।
बनारस में गंगा तट पर 20 लाख से अधिक दीयों को एक साथ जलाने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम के स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ, गंगा निर्मलीकरण जैसे नारे दीयो की अल्पनाओं में जगमगाते नजर आएंगे। पौराणिक कथाओं के अनुसार कभी त्रिपुरासुर के वध के बाद देवी-देवताओं ने दीपोत्सव मनाया था। उसी मान्यता को साकार करने के लिए काशी के लोग कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीये जलाकर उत्सव मनाते हैं।
देव दीपावली पर काशी के घाटों, कुंडों, सरोवरों को सजाने का सिलसिला शुरू हो गया है। गंगा में नावों-बजरों को भी रंग-रोगन किया जा रहा है। राजघाट से अस्सी तक सभी घाटों पर दीयों की अल्पनाएं सजाई जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण रक्षा और गंगा निर्मलीकरण के नारे भी दीपमालाओं की अल्पनाओं में साकार होंगे।
केंद्रीय देव दीपावली के अध्यक्ष वागीश दत्त मिश्र ने बताया कि घाट समितियों को दीये जलाने की जिम्मेदारी बांट दी गई है। शहर के तीन दर्जन कुंडों, सरोवरों को भी सजाया जाएगा। घाटों की सफाई की धीमी रफ्तार पर उन्होंने नाराजगी भी जताई।