आयकर विभाग की सर्वे की कार्रवाई के बाद साड़ी और सराफा कारोबार से जुड़े तीन कारोबारियों ने पांच करोड़ की कर चोरी स्वीकार की है। हालांकि 16 घंटे तक चली सर्वे की कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारी अब भी उनके बही-खातों की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वास्तव में कितने की कर चोरी की गई है।
साड़ी और सराफा कारोबार से जुड़े शहर के तीन कारोबारियों के कुल छह प्रतिष्ठानों पर सर्वे की कार्रवाई तकरीबन सोलह घंटे तक चली। शुक्रवार को साड़ी कारोबारी ने ढाई करोड़ और एक सराफा कारोबारी ने एक करोड़ और दूसरे ने पौने दो करोड़ की कर चोरी स्वीकार की।
आयकर आयुक्त डॉ. एके सिंह की अगुवाई में चली इस कार्रवाई में पाया गया है कि शाखा विस्तार के बाद भी कारोबारियों के रिटर्न में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। अधिकारी कारोबारियों के बही-खातों की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वास्तव में कितने की कर चोरी हुई।
बता दें कि आयकर की टीम ने साड़ी कारोबारी के सिगरा, कोतवालपुरा और अर्दली बाजार स्थित प्रतिष्ठानों, एक सराफा कारोबारी के बुलानाला और एक अन्य सराफा कारोबारी के भेलूपुर व राजा दरवाजा स्थित प्रतिष्ठानों पर सर्वे की कार्रवाई की।