भव्य और दिव्य काशी की देव दीपावली इस बार नव्य स्वरूप में देवताओं के साथ ही काशी वासियों के लिए भी अनोखी होगी। इस बार काशी से जुड़े महान सपूतों को पहला दीप अर्पित किया जाएगा। साथ ही घाट, कुंड और सरोवरों पर 21 लाख दीपों की रोशनी की आभा दीप मालिकाओं का स्वर्णिम संसार रचेगी। काशी समेत देश-विदेश की जनता इस अद्भुत पलों की साक्षी बनेगी।
केंद्रीय देव दीपावली के महासमिति के संरक्षक आलोक पारीख, अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्रा एवं प्रदीप वर्मा ने बताया कि अस्सी घाट पर महामना, तुलसी घाट पर गोस्वामी तुलसीदास, हरिश्चंद्र घाट पर डोम राजा, सिंधिया घाट पर तैलंग स्वामी और स्वामी विवेकानंद जैसी विभूतियों के चित्र लगाए जाएंगे। महापुरुषों के सामने देव दीपावली का पहला दीप जलाकर महोत्सव का श्रीगणेश होगा।
जिला प्रशासन की ओर से 10 लाख दीप और काशी वासियों के सहयोग से 11 लाख दीपक जलाए जाएंगे। अस्सी घाट से सामनेघाट तक 108 स्थानों पर देव दीपावली महोत्सव होगा। काशी के पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के तहत ग्रामीण व शहरी इलाकों में 101 स्थानों पर देव दीपावली महोत्सव का आयोजन पहली बार होगा। अमृत महोत्सव में 75 वर्ष पर रंगोली, चित्र, पोस्टर की सजावट होगा।
इनके लगेंगे चित्र
साहित्यकार भारतेंदु बाबू हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद, मुंशी प्रेमचंद, संगीतकार भारत रत्न पं रविशंकर, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, पद्मविभूषण पं किशन महाराज, पद्मविभूषण गिरिजा देवी, पद्मभूषण पं राजन मिश्रा के नाम प्रमुख हैं।