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संकटमोचन के दरबार में सजी गायन वादन की सांझ

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पवन पुत्र हनुमान के दरबार में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर संकटमोचन शताब्दी वर्ष मासिक संगीत समारोह आरंभ हुआ। रुद्रावतार के दरबार में भगवान शिव की आराधना से कार्यक्रम का श्रीगणेश हुआ।
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शनिवार की देर शाम को को शताब्दी संगीत समारोह का शुभारंभ बीएचयू संगीत कला संकाय में प्रोफेसर व संगीत साधक डॉ. राम शंकर के गायन से हुआ। गायन का शुभारंभ हर हर महादेव त्रिपुरारी शंकर... से करने के बाद रामचरितमानस पर आधारित भजनों की सुंदर प्रस्तुति की। उनके साथ तबले पर रजनीश तिवारी ने संगत की। हारमोनियम पर मोहित साहनी, तानपूरे पर उनके पुत्र प्रणव शंकर और ईशान घोष ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति नरेंद्र मिश्र के सितार वादन की रही। तबले पर पंडित कुबेर नाथ मिश्र ने संगत की। इस अवसर अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के महंत विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि संकट मोचन संगीत समारोह शताब्दी वर्ष के तहत मासिक संगीत समारोह का शुभारंभ किया गया। इसके तहत प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को संकट मोचन मंदिर परिसर में संगीत समारोह का आयोजन होगा जिसमें देश के जाने-माने कलाकार प्रस्तुति देंगे। संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। कलाकारों का स्वागत मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने किया। इस अवसर पर बद्री पंडित, अरुण चटर्जी, रामयश मिश्र उपस्थित थे।
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