वाराणसी। आईएमएस बीएचयू के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के दो जूनियर डॉक्टरों के मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) करने का सपना अधूरा रह गया। दोनों डॉक्टर अपने साथियों के साथ चंदौली के चकिया डैम घूमने गए थे, लेकिन साथियों को क्या पता था कि उनके दो अजीज पीछे छूट जाएंगे। आईएमएस बीएचयू के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट से एमएस की पढ़ाई करने वाले कोलकाता निवासी डॉ. विकास दता और मथुरा निवासी डॉ. शिवम सैनी के मौत की खबर सुनने के बाद सुश्रुत हॉस्टल में रहने वाले मेडिकल छात्र बहुत दुखी है। उनके डूबने की खबर मिलते ही अन्य मेडिकल छात्र भी चंदौली पहुंच गए। वहां जिन दो मेडिकल छात्रों की जान बचाई गई उनमें नैनीताल निवासी हर्षवर्धन और जमशेदपुर निवासी रोशन कुमार हैं।
कार से चंदौली गए थे चारों
चारों जूनियर डॉक्टर सोमवार को चकिया के लतीफ शाह डैम के पास घूमने गए थे। वहां कार खड़ी कर डैम के पास गए थे। मौत की सूचना मिलते ही सुश्रुत हॉस्टल के वार्डन सहित अन्य लोगों ने संपर्क करना शुरू किया तो किसी तरह जानकारी मिली।
घर वालों को दी सूचना
फिलहाल बीएचयू प्रशासन की ओर से उनके घर वालों को जानकारी दे दी गई है। दोनों मृत जूनियर डॉक्टरों के घरवालों के मंगलवार तक वाराणसी पहुंचने की संभावना है।