फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

National Education Policy : शिक्षाविदों के सुझाव से तय होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की दिशा

Mon, 11 Jul 2022 02:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी 

सार

29 जुलाई को नई शिक्षा नीति के लागू होने के पूरे हो जाएंगे दो साल। यूजीसी को ऑनलाइन सुझाव देंगे शिक्षाविद, हो सकते हैं कई अहम फैसले।
विज्ञापन
शिक्षा समागम में पीएम मोदी file pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षा मंत्रालय की ओर से लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर काशी में तीन दिन तक चले मंथन के बाद इसमें कुछ नए अध्याय भी जुड़ सकते हैं। अखिल भारतीय शिक्षा समागम में शामिल हुए देश भर से राज्य, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, आईआईटी निदेशक सहित 600 से अधिक शिक्षाविदों का सुझाव इसमें मुख्य आधार बनेगा। यूजीसी की ओर से समागम में नौ विषयों पर बहस के साथ ही शिक्षा नीति को लेकर शिक्षाविदों से ऑनलाइन सुझाव भी मांगा गया है। इसके आधार पर यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय शिक्षा नीति को लेकर कुछ और भी अहम फैसला ले सकते हैं।

विज्ञापन


शिक्षा व्यवस्था को एकीकृत करने, इसका दायरा बढ़ाने सहित अन्य सुविधाओं में आमूलचूल परिवर्तन के उद्देश्य से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को दो साल पहले जुलाई में लागू किया गया। इसमें छात्रों, शिक्षकों के लिए रिसर्च, इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ ही अंतर विषयक अध्ययन, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग सहित कई विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य प्रो. एमके श्रीधर का कहना है कि शिक्षा नीति के लागू होने के बाद उसका व्यापक असर देखने को मिला है। देश भर से आए शिक्षाविदों ने अपनी अपनी बात भी सही ढंग से समागम में रखी है। सभी के सुझावों को शामिल करते हुए इसे और भी बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन


शिक्षण संस्थानों में भी दिखेगा असर
शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, बीएचयू के सहयोग से सात से नौ जुलाई तक चले शिक्षा समागम में शामिल होने आए इग्नू, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव का कहना है कि समागम में जिन नौ विषयों पर मंथन हुआ है, उसका असर शिक्षण संस्थानों में भी दिखेगा। अब कुलपति और शिक्षाविदों की ओर से शिक्षण संस्थानों में भी समागम के बारे में छात्रों, शिक्षकों को बताया जाएगा। जहां तक सुझाव की बात है तो हम सभी के सुझाव यूजीसी ने मांगे हैं, उसको वर्तमान परिदृश्य, समय की मांग को देखते हुए देंगे।

बीएचयू में तैयार हुआ शिक्षा समागम का लोगो
अखिल भारतीय शिक्षा समागम का लोगो बीएचयू में ही तैयार कराया गया था। दृश्य कला संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष अरोड़ा के निर्देशन में शोधार्थी राहुल कुमार साव ने इसको तैयार किया। शिक्षामंत्री डॉ. धर्मेंद्र प्रधान ने भी इसकी सराहना की। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि लोगो का लाल वृत्त पूर्वोन्मुख काशी शहर में आयोजित इस समागम में ऊर्जावान सूर्य और इसमें तीन उभरती धारियां शिक्षा के परम लक्ष्य ज्ञान के भूत, वर्तमान एवं भविष्य को कलात्मक रूप से प्रदर्शित करतीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें