मिर्जापुर में सेल्फी लेने के चक्कर में डूबे युवक की तलाश में जुटे लोग
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केस 1- तेज रफ्तार बाइक पर सेल्फी लेने के चक्कर में गई दो किशोरों की जान
बीते 17 जुलाई को वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक पर सेल्फी लेना तीन किशोरों का भारी पड़ गया। भुल्लनपुर निवासी संदीप विश्वकर्मा (17), विकास पटेल (17) व नाथूपुर के करण राजभर बाइक से मड़ाव गांव की ओर जा रहे थे। सभी ने हेल्मेट भी नहीं पहना हुआ था और बाइक की स्पीड मानो हवा से बातें कर रही हो। सेल्फी लेने के चक्कर में चालक का ध्यान हट गया और बाइक सीधे चौरा माता मंदिर से टकरा गई। हादसे में संदीप और विकास की मौके पर ही मौत हो गई और गंभीर घायल हो गया।
केस 2-सेल्फी लेने के लिए टावर पर चढ़े छात्र की नीचे गिरने से मौत
10 मई 2018 को मोबाइल से सेल्फी लेने के चक्कर में एक छात्र की मौत हो गई। भदोही जिले के भवानीपुर गांव निवासी प्रतीक मिश्रा (21) पुत्र आनंद कुमार मिश्रा उन्नाव के पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करता था। सोमवार को टावर पर चढ़कर सेल्फी ले रहा था। संतुलन बिगड़ने के बाद वह नीचे गिर पड़ा और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
केस 3-ट्रेन के सामने सेल्फी लेने में तीन ने गवां दी जान
मीरजापुर में 16 अप्रैल 2016 को शिवशंकरी धाम मेले में घूमने आए दो युवकों ने चलती ट्रेन के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में जान गंवा दी। घटना शिवशंकरी धाम पर रेलवे क्रासिंग से बीस मीटर दूर खंभा नं. 692/16 के पास हुई। इस दौरान ट्रेन में सवार अधेड़ की यह दुर्घटना देखने के प्रयास में गिरकर मौत हो गई।
ज्यादा सेल्फी लेना यानी "सेल्फाइटिस" नामक एक मनोविकार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर संजय गुप्ता ने बताया कि मोबाइल सेल्फी "सेल्फाइटिस" नामक एक मनोविकार है। यह उन लोगों में सबसे ज्यादा पाया जाता है जो जरूरत से ज्यादा अपनी सेल्फी खींचते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्त करते हैं। साल 2017 यह बात साबित भी हो गई है कि सेल्फाइटिस एक मानसिक बीमारी है।
ज्यादा सेल्फी पर चौंकाने वाले आंकड़े
- 1: भारत में फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं।
- 2: सेल्फी की वजह से होने वाली सबसे ज्यादा 60 फीसदी मौत की घटनाएं भारत में ही होती हैं।
- 3: मार्च 2014 से सितंबर 2016 के बीच दुनियाभर में 127 मौतें सेल्फी लेने के दौरान हुईं।
ऐसे करें पहचान
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर संजय गुप्ता के मुताबिक सेल्फाइटिस बीमारी के तीन स्तर होते हैं।
- 1-दिन में तीन सेल्फी लेने की आदत होना, लेकिन सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट न करना।
- 2-सेल्फी सोशल मीडिया में शेयर करना शुरू कर देना।
- 3-हर समय अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की कोशिश करना। ऐसे लोग दिन में कम से कम 6 फोटो पोस्ट करते हैं।
- 4-क्या आप सेल्फी लेने की अपनी क्रेज को खुद से कंट्रोल कर पाते हैं।
- 5-क्या आप सेल्फी लेने में बहुत जोखिम तो नहीं उठाते हैं।
- 6- क्या आप जब सेल्फी नहीं लेते तो कुछ घबराहट, बेकरारी या कोई असमान्य सी फीलिंग होती है।
- 7-क्या आप ज्यादा से ज्यादा समय सेल्फी लेने में लगाते हैं जिससे आपके कामकाज में बाधा आती है।
ऐसे बढ़ता है सेल्फी एडक्शिन
सेल्फाइटिस से ग्रस्त लोग ज्यादातर अपना आत्मविश्वास, मूड ठीक करने, अपनी यादें संजोने, खुद की स्वीकार्यता दिलाने और दूसरों से आगे रहने के लिए बार-बार सेल्फी लेते हैं। बीते छह सालों में इन 127 मौतों में से 76 मौतें अकेले भारत में हुईं।