चिकित्सक ने माना दूध पूरी तरह पीने योग्य
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मऊ जिले के अम्मा भेलऊर गांव निवासी रामचंद्र सोनकर की गाय बिना बछड़ा दिए ही दूध दे रही है। दूध भी थोड़ा नहीं बल्कि एक बच्चे वाली गाय की तरह दो से तीन लीटर सुबह शाम। यह गाय ग्रामीणों में कौतूहल का विषय बनी हुई है।
अम्मा भेलऊर निवासी रामचंद्र सोनकर एक गाय पाले हुए हैं। गाय बड़ी हो गई तो परिवार के सदस्य उसे गर्भधारण कराने के निश्चित समय का इंतजार करने लगे। इसी बीच उसका थन धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
पशुपालक उसे लेकर पशु अस्तपताल पहुंचा और जांच कराई तो पेट में कोई बच्चा भी नहीं था। इसी दौरान एक दिन थन से दूध टपकने लगा तो पशुपालक ने बाल्टी लेकर दूहना भी शुरू किया।
यह सिलसिला पिछले कई दिनों से शुरू है और एक बच्चे वाली गाय की तरह वह प्रतिदिन प्रति जून दो से तीन लीटर दूध दे रही है। यह खबर सुनकर गांव के लोगों की गाय को देखने की भीड़ इकट्ठा होने लगी। आस पास के गांव के लोग भी गाय को देखने के लिए जुटने लगे।
इस संबंध में पशु अस्पताल के चिकित्सक बीएस यादव का कहना है कि कभी-कभी हारमोन्स के चलते इस प्रकार की बातें प्रकाश में आती हैं। बताया कि यह दूध किसी प्रकार का नुकसानदेय नहीं है बल्कि बच्चे वाली गाय की तरह है। यह दूध सेवन किया जा सकता है।