ज्ञानवापी में वजू मामले पर छह जून को अदालत में सुनवाई होगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग के आवेदन पर शनिवार को सुनवाई हुई। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वोत्तमा नागेश वर्मा की अदालत में आवेदन पेश किया गया। अदालत ने वादी पक्ष से कहा कि आपका आवेदन सुनवाई योग्य है या नहीं है, इस पर नजीर पेश करें। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तिथि छह जून तय कर दी।
ज्ञानवापी सर्वे के दौरान वजूस्थल में बरामद शिवलिंग जैसी आकृति के मामले में शुक्रवार को एक और वाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल किया गया था। यह वाद सीआरपीसी 156-3 के तहत अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव व ज्ञान प्रकाश सिंह ने वादी अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह की तरफ से दाखिल किया था। इसमें अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन, प्रबंध समिति समेत एक हजार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है। वाद में कहा गया है कि ज्ञानवापी में शिवलिंग होने की जानकारी के बाद हाथ पैर धोना, थूकना और वजू करने से हिंदू धर्मावलंबियों की धार्मिक भावना आहत हुई है। पुलिस उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। कुछ नहीं होने पर चौक थाने से आख्या तलब कर प्राथमिकी विपक्षियों के खिलाफ दर्ज कर विवेचना करने का अनुरोध किया गया।