न खर्चा निकल रहा है और न ही मजदूरी। शुभ मुहूर्तों पर कोरोना की काली छाया ने शादी-विवाह से जुड़े व्यवसायियों की हालत खराब कर रखी है। संक्रमण के कारण शादियों की तारीख आगे बढ़ने से लॉन मालिक, बैंडबाजा पार्टी और डेकोरेटर के रुपये बाजार में फंस गए हैं। सबसे खराब हालत तो बैंड-बाजा, बग्घी और फूल वालों की है।
कोरोना संक्रमण के कारण शादी समारोह से जुड़े व्यवसायी और मजदूरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। लोगों की पाबंदी के कारण टेंट व्यवसायी हलकान हैं तो लोगों का कहना है कि महीनों पहले से शादी की तैयारियों के निमंत्रण पत्र बांटने के बाद अब मेहमानों को सीमित करना पड़ रहा है। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई तक शहर के सभी होटल, बैंक्वेट हॉल शादियों के लिए बुक थे लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के बाद बुकिंग अब निरस्त होने लगी है।
कैटरर प्रभाकर ने बताया कि लग्न के मौसम में एक दिन में तीन से चार सौ आदमी काम करते थे। छोटी शादियों में 70 से 80 लोग नियमित रूप से लगे रहते थे। लगन को देखते हुए सामान भी खरीद लिए गए थे। मिठाई, फ्रूट, चाइनीज के आर्डर देकर फंस गए हैं। शादियों की तारीख आगे बढने से बाजार में रुपया फंसा हुआ है।
कोरोना काल में लगातार बुकिंग निरस्त हो रही है। इससे इस कारोबार से जुड़े लोग आर्थिक रूप से पस्त हैं। -शरद, कैटरिंग व्यवसायी
लग्न के मौसम में भी बुकिंग होने के बाद भी निरस्त हो जा रही है। ऐस में आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। -शकील, बैंड बाजा संचालक
हर साल लगन में साल भर की आमदनी हो जाती थी, इस बार तो रोजाना की आमदनी पर भी संकट मंडरा रहा है।-बैंड बाजा संचालक
शुभ मुहूर्त
मई- 19, 21, 22 ,23, 24, 26, 28, 29, 30
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जून- 3, 4, 5, 20, 22, 23,24
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जुलाई- 1, 2, 7, 13, 15