आईपी मॉल के बेसमेंट में 23 जून को लगी थी आग
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वाराणसी के सिगरा स्थित आईपी मॉल में आग लगने के मामले की जांच रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम ने डीएम योगेश्वर राम मिश्रा को सौंप दी है। डीएम इसे मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण को भेजेंगे।
जांच रिपोर्ट से सामने आया है कि बेसमेंट में गोदाम (स्टोर ) बनाने का नक्शा खुद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने पास किया था। नियमत: किसी बहुमंजिली इमारत या व्यावसायिक भवन के बेसमेंट में गोदाम की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
इसके बाद मॉल प्रबंधन ने कई गोदाम बना लिए। उपकरणों के रखरखाव की अग्निशमन विभाग की नियमित जांच पर भी रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं।
आईपी मॉल में 23 जून को बेसमेंट में बने गोदाम मेें आग लग गई थी।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने दीवार तोड़कर तीन घंटे तक आग बुझाई थी। घटना के दौरान मॉल के तीनों ऑडी में फिल्म का शो चल रहा था। दर्शकों को आग लगने की घटना की जानकारी करीब पंद्रह मिनट बाद दी गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के दौरान मॉल प्रबंधन के अग्निशमन इंतजाम पूरी तरह फेल हो गए थे। 21 मार्च को अग्निशमन विभाग ने मॉल के निरीक्षण में खानापूरी करते हुए अग्निशमन के उपकरणों को क्लीन चिट दे दी थी।
आग लगने के दौरान सायरन भी नहीं बजा था। जांच में यह भी पाया गया कि दुर्घटना के वक्त मॉल प्रबंधन की ओर से सिर्फ एक प्रशिक्षित गार्ड तैनात था।