70 साल की शिरोमनी देवी आज अपने बेटे के घर पहुंचकर खुश हैं। उन्हें याद नहीं कि नाराज होकर वह कब घर से निकली थीं मगर एक स्कूली छात्रा रोशनी चौरसिया की वजह से महीने भर बाद वह अपनों के बीच जा पहुंचीं।
आर्य महिला इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा रोशनी ने पिछले दिनों अमर उजाला के कार्यक्रम ‘पुलिस की पाठशाला’ में एसएसपी के सामने यह बात उठाई थी कि एक बुजुर्ग महिला दूकान के छज्जे के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।
बुजुर्ग महिला को परिवार की छांव दिलाने अपील एसएसपी के मर्म को छू गई। उनके निर्देश पर सक्रिय हुई पुलिस ने बुधवार को महिला उसके घर पहुंचा दिया। अपने संवेदनशीलता के चलते रोशनी काशी का गौरव बन गई हैं। एसएसपी ने रोशनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी जागरूकता और संवेदनशीलता अगर सबमें हो जाए तो आधी समस्याएं अपने आप समाप्त हो जाएंगी।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से 20 अगस्त को आर्य महिला इंटर कॉलेज में ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम में एसएसपी जोगेंद्र कुमार, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनिल सिंह समेत कई गणमान्य लोग थे। छात्राएं उनसे अपनी सुरक्षा की बाबत सवाल पूछ रही थीं।
इसी दौरान कक्षा नौ की छात्रा रोशनी के एक सवाल ने सबके दिलों में खलबली मचा दी। चेतगंज निवासी रोशनी ने कहा कि जियापुरा में 70 साल की बुजुर्ग शिरोमनी दूकान के छज्जे के नीचे रात गुजारती हैं। कॉलेज आते-जाते वह रोज उनसे मिलती हैं।
बताती हैं कि घर से नाराज होकर घर से निकली थीं और बाद में रास्ता भटक गईं। अब उन्हें याद नहीं कि उनका घर कहां हैं। उसने कहा कि पुलिस अंकल से शिकायत की लेकिन उन्होंने इस हिदायत के साथ घर भेज दिया अभी पढ़ाई करो तुम्हारी उम्र समाजसेवा करने की नहीं है।
मासूम रोशनी की अपील इतनी मार्मिक थी कि एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने तुरंत मातहतों को निर्देश दिया कि वे हर हाल में भटकी हुई इस माता को परिवार से मिलवाएं। नाटीइमली चौकी इंचार्ज तारावती को पता चला कि चेतगंज में ही शिरोमनी की बेटी तारा रहती हैं।
मां सड़क पर रात गुजार रही है, बेटी को इसकी जानकारी थी ही नहीं। पता चलने पर बेटी उन्हें अपने घर ले आई। बेटी ने बताया कि उसके दो भाई हैं। केदारनाथ गुप्ता चोलापुर के अल्नोपुर में रहते हैं तो ओमप्रकाश मुगलसराय रहते हैं।
पुलिस ने अब केदारनाथ से संपर्क किया। मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाने वाले केदारनाथ ने कहा कि मां नाराज होकर घर से निकल गई थीं। उन्हें खोजने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मिलीं।
पूर्व में भी दो बार वह घर से जा चुकी हैं। उन्हें जब पता चला कि छात्रा रोशनी के जरिए मां को उन तक पहुंचाया गया है तो उनकी आंखे भर आईं। कहा कि वह मां को अब कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने रोशनी, पुलिस और अमर उजाला का भी तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।