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मंडी में 30 रुपये किलो प्याज तो 80 में कौन बिकवा रहा

Thu, 27 Aug 2015 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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मंडी के आढ़तियों के बाद के मुनाफाखोरों के कारण प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। यह खुलासा खुद आढ़तियों ने डीएम के साथ हुई बैठक में किया। सब्जी, फल व्यवसायी आर्थिक कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. श्याम नारायण कुशवाहा ने कहा कि पहड़िया मंडी में आढ़तियां थोक में 30 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रहे हैं। इसके बावजूद खुले बाजार में प्याज 75 से 80 रुपये किलो बेची जा रही है। इसके लिए मंडी के बाद के दुकानदार जिम्मेदार हैं। बुधवार को रायफल क्लब में आढ़तियों के साथ हुई बैठक में डीएम राजमणि यादव ने कड़े लहजे में कहा कि ऐसा करने वालों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक के दौरान आढ़तियों की बातों से लगा कि बाजार में कुछ लोग संगठित तरीके से प्याज और दाल की कालाबाजारी की जा रही है, जिसके चलते इनकी कीमतें थोक बाजार की अपेक्षा फुटकर बाजार में काफी बढ़ गई हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब स्टाल लगाकर अरहर की दाल और प्याज की बिक्री करेगा। डीएम ने कहा कि  ऐसा करने वाले व्यापारियों पर अंकुश लगाएं और गुरुवार से राशन की दुकानों तथा कर्मचारी कल्याण निगम के डिपो से भी सस्ता प्याज बेचने का प्रबंध किया जाए। डीएम ने एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय से कहा कि शहर भर में छापामारी की जाए। दुकानों पर प्याज और दाल के स्टाक की जांच की जाए।

किसी के पास जरूरत से ज्यादा माल डंप हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एडीएम आपूर्ति केएन उपाध्याय और जिलापूर्ति अधिकारी अशोक यादव से कहा कि वे मंडी ले प्याज खरीद कर उसे कम कीमत पर बेचने की व्यवस्था करें ताकि मुनाफाखोरों को हतोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मंडी से थोक में प्याज खरीदी जाए और उस पर मालभाड़े के अलावा 10 फीसदी मुनाफा जोड़ कर जनता को प्याज उपलब्ध कराई जाए। मंडी सचिव सुभाष सिंह को निर्देश दिया कि समन्वय स्थापित करके प्याज का स्टाक चेक करें। किसी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। बैठक में सभी अधिकारियों के अलावा आढ़तियां, कोटेदार, व्यापारी आदि शामिल रहे।
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