रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर आंदोलित किसानों को गुमराह करने वाले नेताओं के विरोध स्वरूप शनिवार को विश्वासघात सम्मेलन आयोजित हुआ। इदिलपुर में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने ऐसे किसान नेताओं पर जमकर हमला बोला जो इस आंदोलन को अपने फायदे में बदल रहे हैं।
किसान नेता विजय शंकर पांडेय ने कहा कि 29 गांवों में किसान हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे लोग भी है जो किसान नेता तो बनने का दम भर रहे हैं पर दूसरे हाथ से किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को चेताया कि अगर चंदे का धंधा चला तो आंदोलन मंदा हो जाएगा। इस दौरान कई किसानों ने मंच से अपने साथ हुई घटनाएं सुनाई।
अमर नाथ पटेल, राजेश्वर, जितेंद्र, भगवानी देवी ने बताया कि किस प्रकार से एक किसान नेता ने उनको पूरा मुआवजा दिलाने के लिए पैसे लिए। बाद में मुआवजे में दश प्रतिशत हिस्सा भी मांग रहे थे। ऐसे लोगों को आंदोलन से दूर रहने की चेतावनी दी।
साथ ही किसानों के साथ विश्वासघात करने के लिए बांटे गए फर्जी दस्तावेज की प्रतियां फूंकी। सम्मेलन में भगवानपुर, आशापुर, सिकंदरपुर, मिर्जापुर, इदिलपुर, घमहापुर, प्रतापपट्टी, तुलसीपट्टी आदि गांव के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में डॉ. छवि नाथ, नित्यानंद पांडेय, कपिल नाथ पांडेय, राजेश चौरसिया, अरविंद सिंह, सत्येंद्र मिश्रा, ज्ञान चंद, लक्ष्मण मौर्या आदि शामिल रहे। अध्यक्षता राकेश सिंह व संचालन अशोक प्रजापति ने किया।