भाई-बहन के अटूट स्नेह को दर्शाने वाला पर्व रक्षाबंधन गुरुवार को है। बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर न केवल उनसे अपनी रक्षा का संकल्प लेती हैं बल्कि ईश्वर से भाई की सलामती और वैभवपूर्ण जीवन की कामना भी करती हैं। इस साल का रक्षाबंधन इसलिए भी खास है कि बहनों को भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार नहीं करना होगा। तीन साल बाद ऐसा संयोग आया है जब रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं है। ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस दिन सिंहासन गौरी योग भी है।
बहनें अपने भाई को सिंहासन गौरी योग में रक्षासूत्र बांधेंगी। सूर्योदय से पहले सुबह 3.51 बजे ही भद्रा समाप्त हो जाएगी। दोपहर 2 :56 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। मगर इसके बाद भी बहनें पूरे दिन अपने भाइयों का राखी बांध सकेंगी। ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक मालवीय बताते हैं कि बहनें भाई की राशि के अनुसार उन्हें अलग-अलग रंग की राखी बांध सकती हैं। बताते हैं यदि भाई की राशि मेष या वृश्चिक है तो उन्हें लाल रंग का रक्षासूत्र बांधने से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। इसी प्रकार सिंह राशि वाले को सुनहरे, गुलाबी या लाल रंग की राखी बांधें। यह नेतृत्व प्रदान करेगी। वहीं कर्क, वृष अथवा तुला राशि वाले भाई को सफेद रंग अथवा चांदी की राखी बांधें। यह शांति और रोग से मुक्ति प्रदान करती है। धनु और मीन राशि वाले को पीले रंग का रक्षासूत्र बांधें, यह मानसिक शांति प्रदान करेगा। मकर अथवा कुंभ राशि वाले को नीले रंग की राखी बांधने से उसका मनोबल बढ़ेगा। इसी तरह मिथुन अथवा कन्या राशि वाले को हरे रंग का रक्षासूत्र बांधे। इससे भाई के जीवन में खुशहाली आएगी। गुरुवार को पूर्णिमा होने से इस बार रक्षाबंधन विशेष फलदायी है।
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रौनक नजर आई। रिमझिम बारिश के बावजूद राखी की दुकानों में महिलाओं की भीड़ दिखी तो वहीं मिष्ठान भंडारों में भी रक्षाबंधन की तैयारी होती रही। रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर भी घर पहुंचने की ललक लोगों में नजर आई। भाई-बहनों के प्यार और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन 18 अगस्त को है। इसको लेकर राखियों की दुकानें सुबह ही खुल गई और चहल-पहल शुरू हो गई। शाम होते ही छोटी दुकान हो या बड़े प्रतिष्ठान, विक्रेता व्यस्त नजर आए। राखियों पर डिस्काउंट भी दिए गए। वहीं दूसरी ओर त्योहार को ध्यान में रखते हुए मिठाई की दुकानों पर रक्षाबंधन की तैयारी होती दिखी। वहीं दूसरी ओर त्योहार और रक्षाबंधन की छुट्टी को ध्यान में रखते हुए घर लौटने की भीड़ भी कैंट रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर दिखी। जाने वाली भीड़, दिल्ली, कोलकाता, पटना व आस-पास के जिलों के लिए रही। वहीं बनारस आने वाली भीड़ भी जबरदस्त रही।