ये है पुरानी (रामखेलावन पंप चालू करो) व्यवस्था
पहले पानी लिफ्ट करने वाले, पानी ट्रीट करने वाले, पानी की टंकियों, ट्यूबवेल आदि पर ऑपरेटर रखे जाते थे। सुबह 5 से 10 और शाम 4 से 8 बजे के बीच जलापूर्ति के लिए ये ऑपरेटर स्विच ऑन करते थे। कई बार जब ऑपरेटर नहीं पहुंचते थे तो कई मोहल्लों में जलापूर्ति प्रभावित होती थी। इसे देखते हुए ऑपरेटिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इनमें टाइमर होगा। जो उसी टाइम पर जलापूर्ति शुरू करेगा और निर्धारित समय पर बंद कर देगा।
क्लोरीन और पीएच लेवल की ऑटोमेटिक जांच
स्काडा सिस्टम के तहत पानी में क्लोरीन व पीएच लेवल की ऑटोमेटिक जांच हो सकेगी। पानी ट्यूबवेल से कितने प्रेशर में सप्लाई दे रहा है और आखिरी टेल तक कितना प्रेशर है, इसका भी पता चलेगा। पेयजल सप्लाई मानकों के अनुरूप हो सकेगी।
बोले अधिकारी
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके लिए जलकल परिसर में माॅनीटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। पानी की टंकियों में चिप, सेंटर और कैमरे लगाए गए हैं। जल्द ही यह व्यवस्था शुरू होगी। - अनूप सिंह, महाप्रबंधक जलकल, नगर निगम