फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा में उफान से वरुणा तटवासियों की आफत

Wed, 10 Aug 2016 02:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
वरुणा किनारे की पुलकोहना बस्ती, बाढ़ का पानी घरों में घुसने से कई परिवार बेघर हो गए हैं।
विज्ञापन
गंगा के पलट प्रवाह के वरुणा किनारे की बस्तियों में मुसीबत पैदा हो गई है। बाढ़ का पानी निचले इलाकों के घरों में घुसने लगा है। सरैया, पुरानापुल, पुलकोहना और नक्खी घाट के कई घरों में मंगलवार को पानी घुसने से हड़कंप मच गया। गृहस्थी बचाने की चिंता लोगों को सताने लगी है। मंगलवार शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 68.57 मीटर तक दर्ज किया गया। फिलहाल चेतावनी बिंदु 70.262 से गंगा अभी 1.69 मीटर नीचे बह रही है। अंतिम संस्कार और दैनिक गंगा आरती पर असर पड़ा है। नावों का संचालन रोक दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग ने तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा में बढ़ाव की पुष्टि की है।
विज्ञापन



आठ अगस्त की सुबह जलस्तर 68.37 मीटर था, जो मंगलवार की शाम छह बजे 68.57 मीटर तक पहुुंच गया। वरुणा किनारे की बस्तियों में पुराना पुल निवासी हीरालाल, चंदन, बंगाली, मुन्ना के घरों में पानी आने के बाद बीवी-बच्चों के साथ इन्होंने गृहस्थी समेट ली। इसी तरह नक्खी घाट के बुनकर बिस्मिल्लाह, साजिद, अंसार, जुम्मन, सर्फुद्दीन के भी घरों में पानी भर गया। कई परिवारों ने तो छतों पर शरण ले रखी है। करीब पचास परिवार ऐसे हैं, जो सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए हैं। इधर, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार मंगलवार को भी छतों पर होता रहा। इसी तरह हरिश्चंद्र घाट पर चिताएं गलियों में लगाई जा रही हैं। शीतला माता के गर्भगृह में कमर तक पानी आ गया है। सुबह की मां की आरती अहिलेश्वर महादेव के दरबार में हुई।


झमाझम बारिश से रामनगर के कई इलाकाें में जलभराव होने से नागरिकों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। रस्तापुर में खराब रास्ता और जलभराव होने के विरोध में प्रदर्शन कर चुके हैं। इस इलाके के 38 घर पानी से घिरे हुए हैं। उन्हें निकलने के लिए जगह नहीं है। बारी गढ़ही मस्जिद मार्ग पर सीवर जाम होने से पूरा इलाके में पानी लगा हुआ है। इसी प्रकार सूजाबाद पड़ाव में बंधा के बगल में जलभराव होने से वहां भी लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामपुर मार्ग पर जलभराव होने से लोगोें का आवागमन बंद हो गया है। जलभराव के लिए बिस्सू सोनकर, विशाल, राधे प्रकाश, लालता ने पालिका की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। कुतलूपुर, राम विहार कालोनी, बटाऊबीर, चंद्रपुरी कालोनी, गायत्री नगर, नई बस्ती, वाजिदपुर, पुराना रामनगर, सीतापुरी कालोनी में भी पानी लगने से लोग परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें