जिला जेल में सोमवार की सुबह विचाराधीन बंदी मुन्ना पासवान (22) निवासी कुढ़कला अलीनगर चंदौली पंखे की हुक से फंदे पर झूलता मिला। उसके गले में गमछे का फंदा पड़ा था। जेल अधिकारियों का कहना है कि मुन्ना टीबी सहित एक अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित था। इसके चलते उसने खुदकुशी कर ली। सूचना के बाद शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
डकैती के मामले में गिरफ्तार होने के बाद 30 अप्रैल 2015 को चंदौली की अलीनगर पुलिस ने उसे जिला जेल में दाखिल किया था। जेल अधिकारियों के मुताबिक टीबी सहित एक अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित होने पर उसे जेल के मेडिकल (तन्हाई) वार्ड में रखा गया था। रविवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने वार्ड में था। निगरानी के दौरान रात 12 बजे तक जाग रहा था।
सोमवार की सुबह करीब पांच बजे जब पहरेदार ने निगरानी करते हुए तनहाई वार्ड में नजर दौड़ाई तो मुन्ना पासवान फंदे पर झूलता मिला। सूचना पर जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जेल पहुंची पुलिस ने मुआयना कर शव कब्जे में ले लिया। सूचना पर डीआईजी जेल संतोष श्रीवास्तव भी जेल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने बैरकों में मिले खाली हुकों को निकलवा दिया। जेल अधीक्षक आशीष तिवारी का कहना है कि बंदी ने फांसी लगाकर जान दी है।