वाराणसी में लहुराबीर स्थित दस फीट गहरे सीवर लाइन में फंसे मजदूर नवाब आरिफ (20) का शव 18 घंटे बाद मंगलवार सुबह छह बजे बाहर निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद मालदा से आए परिजन एंबुलेंस से शव लेकर रवाना हुए। हादसे में मृत नवाब के परिजनों को जलनिगम की ओर से दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
वहीं लापरवाही से साथी की गई जान से आक्रोशित मजदूरों ने काम ठप कर दिया। हादसे के मामले में जलनिगम के जीएम ने जांच के लिए एक टीम गठित की है। सोमवार दोपहर 12 बजे सीवर लाइन में नवाब काम करने उतरा था। शाही नाला डायवर्जन कार्य के दौरान मलजल को रोकने के लिए शुक्रवार को लहुराबीर चौराहे पर लोहे की प्लेटें पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी नवाब आरिफ लगाई थी।
इसके बाद भी सीवर फ्लो करने लगा तो कार्यदायी संस्था ने सोमवार दोपहर फिर से लोहे की प्लेटें चेक करने के लिए नवाब सहित तीन अन्य मजदूरों को काम पर लगाया। दोपहर लगभग बारह बजे नवाब मैनहोल के अंदर रस्सी के सहारे घुसा और लगभग आधे घंटे बाद उसकी कोई हरकत समझ में नहीं आने पर साथी घबरा गए। रस्सी खींची गई तो नवाब बाहर नहीं निकला।
इसके बाद घबराए साथियों ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को सूचना दी। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की रात भर चले रेस्क्यू के बाद सुबह छह बजे उसका शव बाहर निकाला जा सका। चेतगंज थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। नवाब के पिता और अन्य परिजन रोते-बिलखते हुए एंबुलेंस के जरिए नवाब का शव लेकर मालदा को रवाना हुए।