शुक्रवार की शाम सात बजे ड्यूटी के बाद वह साइकिल से घर के लिए निकला। रात आठ बजे उसकी मोबाइल फोन से पत्नी मीरा देवी से बात हुई तो बताया कि वह दुर्गा मंदिर के पास हैं, थोड़ी देर में आ जाएंगे। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच्ड ऑफ हो गया।
शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने रामबाग पोखरा, दुर्गा मंदिर के पास काशी राजपरिवार के बावन बीघा परिसर की झाड़ी में श्यामजी का खून से लथपथ शव देखा। शव के समीप ही उसकी साइकिल खड़ी थी। साइकिल के हैंडल पर सब्जी का थैला और टिफिन टंगा था। उसका मोबाइल फोन गायब था।
आईकार्ड से श्यामजी की पहचान होने पर उसके परिजनों को रामनगर थानाध्यक्ष ने सूचना दी। मौके पर एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी और डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल भी पहुंचे। उधर, इस संबंध में पूछे जाने पर रामनगर थानाध्यक्ष राजू सिंह ने रात 12 बजे बताया कि दो आरोपी हिरासत में लिए गए हैं। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कर और साक्ष्य एकत्र कर दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
12 वर्ष से मां-बाप से अलग रहता है इकलौता बेटा
श्यामजी पटेल के परिवार में पत्नी मीरा और इकलौता बेटा राजकुमार है। इकलौती पुत्री की शादी हो चुकी है। राजकुमार 12 वर्ष से मां-बाप से अलग होकर गांव में ही रहता है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि श्यामजी के पास लगभग 15 बिस्वा पुश्तैनी जमीन है। राजकुमार आठ लाख रुपये की दर से एक बिस्वा पुश्तैनी जमीन बेच कर अपना कर्ज चुकाना चाहता था। इसके साथ ही वह कुछ नया कामकाज भी शुरू करना चाहता था।
कई दिन से बना रहा था योजना, दो लाख देने की बात कही थी
रामनगर थाना पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राजकुमार कई दिन से अपने पिता की हत्या की योजना बना रहा था। शुक्रवार की शाम उसी ने अपने पिता को फोन कर दुर्गा मंदिर के पास बुलाया। शराब पीने के शौकीन श्यामजी के लिए उसने तीन पाउच देसी शराब, पानी की बोतल, ग्लास और चखना खरीदा।
शराब खरीदते हुए वह सीसी कैमरे में भी कैद हुआ है। मयंक से उसने वादा किया कि पिता की हत्या के बाद जमीन बेचने पर आठ लाख रुपये मिलेंगे तो उसमें से उसे वह दो लाख रुपये देगा। वारदात के बाद राजकुमार अपने पिता का मोबाइल फोन लेकर अपने गांव गया। मोबाइल को कूंचकर उसने कुएं में फेंक दिया।
मां ने दर्ज कराया हत्या का केस, पोते ने दी मुखाग्नि
श्यामजी की हत्या के बाद उसकी पत्नी मीरा देवी ने तहरीर देकर रात में रामनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उधर, वारदात के बाद घर से राजकुमार के लापता हो जाने के कारण उसके बेटे प्रियांशु ने दादा श्यामजी को मुखाग्नि दी। श्यामजी की अंत्येष्टि रामनगर स्थित श्मशान घाट पर देर रात की गई।