प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत के बाद कोरोना मरीजों की सहायता के लिए शुरू की गई भाजपा की हेल्प लाइन नई मुसीबत बन गई है। हेल्पलाइन के जारी मोबाइल और लैंडलाइन नंबर पूरे दिन नो रिस्पांस ही रहा। उम्मीद लगाए लोगों के एकाध फोन उठे भी तो उन्हें राहत नहीं मिल पाई।
अमर उजाला ने भी इस हेल्पलाइन की सच्चाई जानने के लिए कई पीड़ितों के नंबरों से प्रयास किया। मगर फोन की घंटी कई बार बजती रही और किसी ने उठाने की जहमत नहीं की। एक बार फोन करने पर आक्सीजन की मदद मांगने पर जवाब मिला आप मंडलीय अस्पताल जाइये। दूसरी बार भर्ती कराने की मांग की तो निजी अस्पताल का नाम बता कर पल्ला झाड़ लिया।
फेसबुक पर लाइव आए पर्यटन मंत्री
पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने सोमवार को शहर दक्षिणी के भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद कर क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पार्षदों व पार्टी पदाधिकारियों से सैनीटाइजेशन और वैक्सीनेशन करवाने का आग्रह किया। कार्यकर्ताओं ने समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। एक कार्यकर्ता के टोल फ्री नंबर के बारे में पूछने पर डॉ. तिवारी ने कहा मैं हूँ आपका टोल फ्री नंबर, आप मुझे कॉल करें।