नवरात्र महोत्सव की आठवीं निशा पर सुरसरि का सुरम्य तट गीत, संगीत और नृत्य की सुरताल ने श्रोताओं को आनंद से भर दिया। उत्सवी माहौल में आयोजित संगीत की निशा में माता प्रसाद के कथक और अमलेश शुक्ला के भजन से गंगा का किनारा भी झूम उठा। पर्यटन विभाग, आश्रय सेवा संस्थान व सुबह ए बनारस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में देर रात तक श्रोता सांगीतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।
बृहस्पतिवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर प्रथम प्रस्तुति पंडित तारक नाथ मिश्र के सितार वादन की रही। इसके बाद सितार वादन की जुगलबंदी नरेंद्र मिश्र व अमरेंद्र मिश्र ने की। डा. शिवानी मिश्र ने सुमधुर गायन पेश किया। राहुल मिश्र व रोहित मिश्र की जोड़ी ने भजन गाया। इसके बाद पं . विकास महाराज के सरोद और अभिषेक महाराज की जुगलबंदी ने संगीत की महफिल में जान डाल दी। राजन तिवारी ने भी सुंदर भजन सुनाया। गायन की अंतिम कड़ी में युवा प्रख्यात कलाकार अमलेश शुक्ला अमन ने लाल चुनरिया ओढ़कर, नमोस्तुते मां नमोस्तुते... गाकर सभी को भावविभोर कर दिया। इनके साथ आस्था शुक्ला ने आज तेरा जगराता माता... गाकर सभी को आह्लादित कर दिया।