अल्लोपुर गांव में जयगुरुदेव के दूसरे उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत तिवारी का सत्संग कार्यक्रम निरस्त किए जाने के बाद गुरुवार को जयगुरुदेव के दूसरे धड़े के अनुयायी पड़ोस के उदयपुर गांव में डेरा जमाने लगे। एसडीएम सदर आर्यका अखौरी को जब इसकी जानकारी मिली कि आयोजक गोपाल दीक्षित एवं सेवादार अब उदयपुर में सत्संग की तैयारी कर रहे हैं, तब प्रशासन फिर दबाव बनाने पहुंच गया। एसडीएम सदर ने अल्लोपुर स्थित रामजानकी मंदिर पर आयोजक गोपाल दीक्षित को बुलवाया। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन की बिना अनुमति के यदि कोई कार्यक्रम करने की कोशिश की गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने गोपाल दीक्षित को मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी। वहीं, गोपाल को पाबंद करने के लिए चोलापुर थानाध्यक्ष ने एसडीएम सदर को रिपोर्ट भेजी है।
उधर, एसडीएम सदर के सामने पेश हुए गोपाल दीक्षित ने कहा कि वेे प्रशासन का हर निर्देश मानेंगे और बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं करेंगे। एसडीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के साथ बेहद सख्ती से पेश आया जाएगा। उन्होंने चोलापुर थानाध्यक्ष को ताकीद की कि आयोजन समिति से जुड़े सभी लोगोें पर पुलिस की पैनी नजर रहे और जो भी पुलिस-प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करे, उसके खिलाफ तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई हो। बता देें कि अल्लोपुर स्थित रामजानकी मंदिर में एसएसपी के आदेश से दो कांस्टेबल तैनात किए गए हैं ताकि आयोजन समिति से जुड़े लोगों की जानकारी मिलती रहे और गांव का माहौल सामान्य रहे।
उध्ार, शाकाहार-मद्यनिषेध जनजागरण यात्रा के दौरान राजघाट पुल पर मची भगदड़ में 25 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के मामले की तफ्तीश पुलिस ने शुरू कर दी है। मामले के विवेचक सूजाबाद पुलिस चौकी प्रभारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने वादी रामनगर थानाध्यक्ष मूलचंद चौरसिया और डोमरी गांव के आठ लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। विवेचक को घटना से संबंधित वीडियो फुटेज की तलाश है। राजघाट पुल पर बीते शनिवार को हुए हादसे के संबंध में रविवार को एसओ रामनगर की तहरीर पर रामनगर थाने में चेतगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुरा चौकाघाट निवासी जय गुरुदेव संगत के अध्यक्ष बेचू प्रसाद गुप्ता, स्वागत कमेटी के सदस्य बाबूराम, चरण सिंह व पूर्व एडीएम अवधेश मणि त्रिपाठी, सह आयोजक यशवंत प्रसाद चौरसिया और प्रबंधकगण के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक ने बताया कि अभी डोमरी और कटेसर के कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद मृतकों के परिवारीजनों व घायलों और सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों के बयान लेने के साथ ही घटनास्थल का मौका मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। विवेचना पूरी होने के बाद बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, जय गुरुदेव शिविर का बचा भोजन खाकर मरने वाले डोमरी गांव के मवेशियों के संबंध में रामनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस मामले की भी तफ्तीश शुरू कर दी है। जल्द ही मवेशियों के दस ज्ञात मालिकों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।