यहां बता दें कि जमीन पर दावा करने वाली पुष्पलता की बीती पांच सितंबर को मौत के बाद 13 सितंबर को बनारस और मुंबई की कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने सट्टा इकरारनामा करा लिया था। अमर उजाला में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अमीन की तहरीर पर सिद्धार्थ सिंह सहित सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद वर्ष 2017 में इस जमीन का लीज डीड कराने वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
खाली पड़ी सरकारी जमीनों की नए सिरे से खुलेंगी फाइलें
राय साहब बागीचे की जमीन पर कब्जे की कोशिश के खुलासे के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले की ऐसी सरकारी जमीनें जो लंबे समय से खाली पड़ी हैं, अब इनकी फाइलें नए सिरे से खुलेंगी। प्रशासन की मंशा है कि इन जमीनों की सूची तैयार कराकर इससे जुड़े विवादों का निपटारा जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि इनका प्रयोग किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जानकारी ली है और रिपोर्ट भी तलब की है। फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर भूमाफिया की संस्तुति के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है। शासन स्तर से सभी पर कार्रवाई होगी। -दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त