Varanasi News: रथयात्रा से गिरजाघर के बीच रोपवे का टेस्टिंग ट्रायल शुरू हो गया है। यह टेस्टिंग एक बार नहीं बल्कि कम से कम चार बार दोहराई जाती है, ताकि परियोजना को जनता के लिए पूरी तरह सुरक्षित रूप में शुरू किया जा सके।
सावन में रथयात्रा से गिरजाघर के बीच मंगलवार से टेस्टिंग ट्रायल शुरू हो गया है। इस पर रोप डालने के बाद गंडोला चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लोड टेस्टिंग के जरिये सुरक्षा की गहन जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया में निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक किया जाता है।
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यह टेस्टिंग एक बार नहीं बल्कि कम से कम चार बार दोहराई जाती है, ताकि परियोजना को जनता के लिए पूरी तरह सुरक्षित रूप में शुरू किया जा सके। इससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कतें नहीं आती हैं।
यह एशिया का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट है, जिसे काशी में शुरू किया गया है। कुल 3.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक यात्रा होगी। बीच में काशी विद्यापीठ और रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन हैं। जबकि गिरजाघर एक तकनीकी स्टेशन है। इस प्रकार कुल 5 स्टेशन और 29 टावर के सहारे रोपवे चलेगा।
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रोपवे प्रोजेक्ट की सुरक्षा को विश्वस्तरीय बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टेस्टिंग के दौरान हर गंडोले में 10 यात्रियों का वजन (800 किलो) और 10 प्रतिशत अतिरिक्त वजन मिलाकर कुल 880 किलो को ध्यान में रखकर परीक्षण किया जाएगा।