जौनपुर के रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर बाजार तिराहे के पास 13 अक्तूबर की शाम हमलावरों की गोली से घायल बसपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य तौहीद आलम की मंगलवार की रात मौत हो गई।
वाराणसी के एक निजी अस्पताल में अचानक हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उन्हें एयर एंबुलेंस से हरियाणा के मेदांता अस्पताल में ले गए जहां डाक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया।
बुधवार की शाम परिवार के लोग तौहीद का शव लेकर जैसे ही मुंगराबादशाहपुर में पहुंचे कि पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पोस्टमार्टम के बाद भारी पुलिस बल के साथ एसपी खुद शव लेकर भाऊपुर गांव पहुंचे।
घटना को लेकर इलाके में दो वर्गों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पीएसी और पुलिस बल की तैनाती एक किलोमीटर की परिधि में की गई है।
नेवढ़िया थाना क्षेत्र के भाऊपुर गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य व बसपा नेता तौहीद आलम (50) को 13 अक्तूबर की शाम बाइक सवार बदमाशों ने गोपालापुर तिराहे के पास गोली मार कर घायल कर दिया था। घायल तौहीद को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं
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घटना के तीसरे दिन तौहीद आलम के मुंशी भाऊपुर निवासी कैश मोहम्मद की तहरीर पर पुलिस ने गोपालापुर निवासी स्वर्ण व्यवसायी उमाकांत बरनवाल, विवेक यादव, बृजेश उपाध्याय समेत चार के खिलाफ प्राणघातक हमले का केस दर्ज किया था लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
घटना के दिन से तनाव को देखते हुए भाऊपुर से लेकर गोपालापुर बाजार तक पीएसी और पुलिस की तैनाती की गई थी। माहौल शांत होता कि तौहीद की मौत ने एक बार फिर से इलाके में माहौल को गरम कर दिया है। शाम 7:30 बजे एसपी केके चौधरी पोस्टमार्टम के बाद खुद शव के साथ भाऊपुर गांव पहुंचे।
मौत की सूचना पर पुलिस ने पहले ही कब्र तैयार करा दी थी। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय, सीओ रामभुवन यादव, एसडीएम जगदंबा प्रसाद, तहसीलदार सुबह से ही गांव में कैंप कर रहे हैं। आठ बजे परिजनों ने रात पौने नौ बजे शव कब्रिस्तान में दफन करने को राजी हुए तो पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
एसपी केके चौधरी ने बताया कि केस की विवेचना मड़ियाहूं थाने के प्रभारी निरीक्षक को सौंपी गई है। तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है। एहतियात के तौर पर पीएसी और पुलिस बल की तैनाती की गई है।