विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह के अनुसार पटना निवासी संजय बहादुर ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उसकी पुत्री पायल की शादी गढवासी टोला, चौक निवासी प्रतीक झिंगरन के साथ हुई थी।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट द्वितीय) अनुभव द्विवेदी की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में अभियुक्त पति प्रतीक झिंगरन को दस वर्ष और ससुर दीपू उर्फ दीपक झिंगरन व सास पूनम झिंगरन को सात-सात वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह के अनुसार पटना निवासी संजय बहादुर ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उसकी पुत्री पायल की शादी गढवासी टोला, चौक निवासी प्रतीक झिंगरन के साथ हुई थी। ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो पति, ससुर व सास ने उसकी पुत्री की हत्या कर दी।