अपर सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी बबलू राजभर को पाक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कड़ी कैद और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक संदीप जायसवाल के मुताबिक 16 वर्षीय पीड़िता की शादी वर्ष 2012 में हुई थी 29 अक्तूबर 2014 की दहेज प्रताड़ना से आजिज आकर मायके जा रही थी, उसी दौरान रास्ते में पीड़िता के गांव रोहनिया का रहने वाला एक अन्य साथी के साथ उसे बाइक पर बैठा लिया और रास्ते में मीठे में नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया। अदालत ने रोहनिया निवासी आरोपी बबलू पर को नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाया और सजा सुना दी।
सिविल कोर्ट में आज लोक अदालत
वाराणसी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कुमुदलता त्रिपाठी के अनुसार जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अध्यक्षता में लोक अदालत सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को लगेगा। संवाद
छात्रा को खुदकुशी के लिए उकसाने में आरोपी को पांच साल की सजा
वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने प्रेमी की प्रताड़ना से छात्रा की खुदकुशी मामले में आरोपी अनुपम पाठक को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कड़ी कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी राशि बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
एडीजीसी फौजदारी ओंकार नाथ तिवारी के अनुसार मृतका माधुरी के भाई शिवशंकर दूबे ने पांच मार्च 2016 को कैंट थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसकी बहन एक डिग्री कॉलेज की छात्रा थी। वह दो मार्च 2016 को सहेली की शादी में जाने की बात कहकर घर से निकली थी। घर नहीं आने पर खोजबीन में पता चला कि अनुपम उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया है। उसका शव 6 मार्च को चंदौली जनपद के बलुआ क्षेत्र में गंगा नदी में उतराया हुआ पाया गया था। इस मामले में विवेचक धनंजय मिश्र ने अनुपम से प्रेम करने, दहेज के लालच में प्रताड़ित करने से खदकुशी के लिए प्रेरित करने के मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल किया था। चौबेपुर भदिवा भगतुआ निवासी अनुपम को दोषी मानते हुए अदालत ने सजा सुनाई।