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फेसबुक के जरिए किशोर को घर से बुलाया और पैसे के लिए मारा-पीटा, वीडियो से ब्लैकमेल, डेढ़ माह बाद मुकदमा दर्ज

Sun, 20 Jun 2021 10:14 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में एक किशोर को  फेसबुक के जरिए डीएक्सएन ग्रुप नाम के मनबढ़ युवाओं ने घर से बुलाया और  पैसे की मांग को लेकर मारा पीटा। घटना का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी किया गया। अप्रैल माह में घटी घटना को लेकर रविवार को मुकदमा दर्ज हुआ। 
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वाराणसी में डीएक्सएन ग्रुप नाम के मनबढ़ युवाओं ने की किशोर के साथ मारपीट - फोटो : फाइल
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विस्तार
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वाराणसी के कैंट थाना के भुवनेश्वर नगर कॉलोनी निवासी एक किशोर को कुछ लड़कों ने सोशल मीडिया के जरिए बुलाया और पैसे की मांग को लेकर मारा पीटा। मनबढ़ों ने किशोर की पिटाई का वीडियो भी बनाया। इस मामले में रविवार को किशोर के पिता ने छह नामजद और अज्ञात के खिलाफ अगवा, हत्या का प्रयास और रंगदारी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया।

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पुलिस इस प्रकरण में कुछ युवकों को हिरासत में लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पीड़ित किशोर के पिता अनिल कुमार पुलिस को बताया कि 17 वर्षीय पुत्र को फेसबुक के जरिए 14 अप्रैल को डीएक्सएन ग्रुप नाम के मनबढ़ युवाओं ने घर से बुलाया और कार में भरकर वरुणा पुल स्थित शास्त्री घाट ले गए। यहां उससे पैसे की मांग की गई और नहीं देने पर जमकर मारा पीटा गया।

बेसुध अवस्था में बेटे का वीडियो भी बनाया और पैसे नहीं देने पर सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने की धमकी देते हुए ब्लैकमेल करने लगे। इसके बाद डरे सहमे बेटे ने पूरी बात बताई। संबंधित वीडियो का संज्ञान लेकर कैंट एसीपी अभिमन्यु मांगलिक ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

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पीड़ित के पिता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने छह नामजद  गोलू, शाहरुख, अमान, अदनान, रजत, लकी सहित अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। एसीपी कैंट अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि कुछ युवकों को हिरासत में लिया गया है। 
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क्या है डीएक्सएन ग्रुप, पुलिस क्यों नहीं लेती एक्शन?

वरुणा पार में डीएक्सएन के नाम से 20 से 25 युवाओं का ग्रुप बनाया हुआ। यह कान्वेंट और कोचिंग में पढ़ने वाले युवाओं को आकर्षित करते हुए उनसे धन उगाही करते हैं। इन बिगडै़ल युवाओं के पीछे कैंट थाने के कुछ पुलिसकर्मियों का भी शह प्राप्त है। बताया जाता है कि पुलिस को कुछ सूचनाएं देते हैं।

इस एवज में मारपीट करने पर पुलिस उनकी ओर से खड़ी रहती है। इस केस में भी यही हुआ। अप्रैल का मामला था लेकिन पुलिसकर्मियों के कारण मुकदमा दर्ज होने में डेढ़ माह से अधिक समय लग गया। कैंट थाने में वर्षों  से जमे पुलिसकर्मी इन युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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