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Technex 2024: सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल ने आईआईटीयंस को दिया सफलता का मंत्र

Mon, 18 Mar 2024 06:36 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आईआईटी बीएचयू में तीन दिवसीय टेक्नेक्स 2024 के अंतिम दिन लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने युवाओं को सफलता के मूलमंत्र दिए। वहीं, छात्रों ने विभिन्न सत्रों में ड्रोन, रोबोट, वीआर संबंधित  तकनीकी नवाचार प्रस्तुत किए।  
 
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Technex 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाउ इज द जोश? स्वतंत्रता भवन के मंच पर पहुंचते जितनी उत्सुकता के साथ ये सवाल लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने वहां मौजूद भावी इंजीनियरों से पूछा, उतनी ही जोश और ऊर्जा से उनका जवाब आया, हाई सर...। उरी में आतंकवादी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को क्रियान्वित करने वाले सेना के इस ऑफिसर को अपने बीच पाकर युवाओं को जोश सचमुच हाई था। रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर सतीश दुआ ने भी इन युवाओं को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ते रहने, बड़े सपने देखने और अपने पैशन को फॉलो करने की सलाह दी।
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इस दौरान सर्जिकल स्ट्राइक के अलग अलग जोशीले किस्सों से उन्हें रूबरू कराया। छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए। आईआईटी बीएचयू के टेकनेक्स 24 में अंतिम दिन थिंक टॉक सेशन में सतीश दुआ ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आलोचना नहीं रोल मॉडल चाहिए। ये दिल मांगे मोर वाले विक्रम बत्रा, मनोज पांडेय, अनुज नैयर, विक्रांत थामा जैसे रोल मॉडल। उन्होंने युवाओं को नेतृत्वकर्ता के रूप में तराशने की सलाह दी। कहा बड़े सपने देखिए। क्योंकि सपने देखने वाले ही कुछ हासिल करते हैं।

सकारात्मक रहिए और सकारात्मक सोच की शक्ति का उपयोग करिए। हमेशा ये सोचें कि चाहो तो हो जाएगा। अपने पैशन को पहचानिए और उसे अपना प्रोफेशन बनाइए। फेक और रियल दुनिया को पहचानिए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने के लिए जरूरी नहीं है कि आप आर्मी ही ज्वाइन करें। आप जो कर रहे हैं, उसमें अपना बेस्ट दीजिए। ये भी देशसेवा ही है। अगर आप सेना की या सेना के जवानों की इज्जत दिल से करना चाहते हैं जो एक अच्छे नागरिक बनिए। एक अच्छा नागरिक बनकर भी आप सेना की इज्जत कर सकते हैं।
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आपने देखी उरी की पॉजिटिव स्टोरी

लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने कहा कि आपने उरी की पॉजिटिव स्टोरी देखी। मेरे लिए वो काला दिन था। मेरे 18 जवान मारे गए थे। लेकिन, मैंने अपनी इस पीड़ा को अवसर में बदला। रक्षा मंत्री से पूरे आत्मविश्वास से कहा आप एक बार हां करिए, मैं कर दूंगा। अब तक हम हमेशा डिफेंसिव मोड में रहे हैं। लेकिन, अब तक जो नहीं हुआ अब हम वो करेंगे। उस वक्त मनोहर पारिकर जी ने बस इतना ही कहा, ओके, बरोबर...। इसके दस दिन बाद जो हुआ वो आप सबने देखा।

रक्षामंत्री एंटनी हों या राजनाथ, कोई फर्क नहीं पड़ता
इस दौरान सवाल-जवाब का भी सत्र चला। सत्ता में राजनीतिक पार्टियों के बदलने का सेना पर कितना असर पड़ता है। एक छात्र के सवाल पर सतीश दुआ ने कहा कि रक्षामंत्री एंटनी हों या राजनाथ, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। और फर्क इसलिए नहीं पड़ता क्योंकि हम देश की देश सेवा करते हैं, राजनीतिक पार्टियों की नहीं। सेना की इज्जत आज भी देश के बच्चे बच्चे में इसलिए ही है क्योंकि हम देश के लिए काम कर रहे हैं। यूएसए और रूस की तरह भारत कब सुपर पॉवर बनेगा।

इस सवाल के जवाब में कहा कि पिछले दस साल में मिलिट्री असीम रूप से सशक्त हुई है। राफेल, अग्नि-5, सड़कें, टनल, एयरपोर्ट्स इसके उदाहरण हैं। पीओके हमें कितने समय में वापस मिल जाएगा। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हम पीओके वापस ले लें, इसमें समस्या नहीं। समस्या पीओके में रहने वाले लोगों की मानसिकता में हैं। उन्हें समझाना मुश्किल है।
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छात्रों ने उड़ाए रॉकेट, रोबो वार में दिखी रोबोट की ताकत

आईआईटी बीएचयू में चल रहे तीन दिवसीय तकनीकी उत्सव टेकनेक्स में छात्रों ने रॅाकेट उड़ाए। इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से बनाए गए ड्रोन को हर बाधा से पार कराया। रोबोट बनाकर रोबो वॅार में भी छात्रों ने पूरी टीम के साथ न केवल प्रतिभाग किया बल्कि रोबोट की ताकत भी दिखाई। अंतिम दिन नोबेल पुरस्कार विजेता रॉबर्ट जे. ऑमन, ले. जनरल सतीश दुआ और आध्यात्मिक गुरु स्वामी मुकुंदानंद ने सकारात्मक विचारों के साथ देश और समाज की सेवा के लिए भावी इंजीनियरों को प्रेरित किया।

आईआईटी बीएचयू में 15 से 17 मार्च तक आयोजित तकनीकी उत्सव में देश के विभिन्न जगहों से आईआईटी, तकनीकी संस्थानों से करीब 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाया। जिमखाना मैदान में आईआईटी बीएचयू, कानपुर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों से आए छात्रों ने प्लास्टिक की बोतल, पाइप आदि की मदद से राॅकेट बनाए। रविवार की दोपहर उसे उड़ाकर अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।

वहीं, राजपुताना ग्राउंड में अलग अलग वर्ग में आयोजित रोबोवाॅर में रोबोट की ताकत दिखाई। 6 किलो, आठ किलो के ग्रुप में रोबोट की ताकत दिखाकर टीम विजेता बनी। उधर, स्वतंत्रता भवन में स्वामी मुकुंदानंद ने छात्रों को नकारात्मक विचारों को त्यागकर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।

डीजे की धुन पर थिरके आईआईटीयंस
आईआईटी बीएचयू में टेक्नेक्स के अंतिम दिन डीजे नाइट में साइलेंट डीजे सत्र में धूम धड़ाका देखने को मिला। यहां डीजे की धुन पर आईआईटीयंस खूब थिरके। एडीवी ग्राउंड पर शाम करीब 7.30 बजे से शुरू होकर दो घंटे से अधिक समय तक चले कार्यक्रम में एक से बढकर एक प्रस्तुति देखने को मिली। इसमें छात्र-छात्राओं ने खूब आनंद लिया।
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