कहा कि अगर निगम के अधिकारी फिर भी नहीं मानें और किसी भी व्यक्ति या उपभोक्ताओं को नियम विरुद्ध परेशान किया जाता है तो इसका विरोध और तेज किया जाएगा। कहा कि पावर कारपोरेशन विधुत अधिनियम2003 की धारा 47 (5) के तहत उपभोक्ताओं को प्रीपेड संयोजन एवं पोस्टपेड संयोजन चुनने का पूरा अधिकार है।
अभी तक विधुत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) में किसी भी प्रकार का संशोधन नही हुआ है इसलिए बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पोस्टपैड से प्रीपेड बिजली मीटर करना भी गलत है। इस दौरान आरबी यादव, एसके सिंह, रंजीत कुमार, प्रवीण कुमार, कृष्णा सिंह,पंकज यादव आदि लोगों ने निगम के निजीकरण के फैसले को निरस्त करने की मांग की।
कर्मचारियों के घर नियमानुसार मीटर लगाया जा रहा है। जिस तरह से उन्होंने विरोध किया है, उस मामले में कर्मचारियों से बातचीत कर मीटर लगवाने का काम करवाया जाएगा। इससे जिले में बिजली की खपत की सही जानकारी मिलेगी। - आरबी शर्मा, अधीक्षण अभियंता