Varanasi News: कहा जा रहा है कि अक्तूबर 2021 में बोर्ड ने कुछ विषयों को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाने का निर्णय लिया था, लेकिन उन विषयों को पढ़ाने का आदेश जारी नहीं हुआ था। इस मसले को मदरसा शिक्षा जगत से जुड़े कुछ शिक्षक नेताओं ने भी उठाया था।
अब अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों में एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अनुसार गणित और विज्ञान विषयों की पढ़ाई अनिवार्य होगी। अब तक आधुनिक विषय के रूप में ये विषय पढ़ाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड ने इसकी संस्तुति कर दी है। चुनाव आचार संहिता हटने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को इस संबंध में पत्र जारी करने की तैयारी है। इससे जिले के 35 हजार मदरसा विद्यार्थी प्रभावित होंगे।
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वाराणसी जिले में 108 मदरसे संचालित होते हैं। इनमें 23 मदरसे अनुदानित हैं। इनमें करीब 35 हजार विद्यार्थी तालीम लेते हैं। मदरसों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर हिंदी और अंग्रेजी अनिवार्य विषय जबकि गणित, विज्ञान और कंप्यूटर आदि आधुनिक विषय ऐच्छिक के रूप में पढ़ाए जाते हैं। लेकिन, अब गणित, विज्ञान, इतिहास और नागरिक शास्त्र को अनिवार्य विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा।
मदरसा शिक्षकों के मुताबिक बोर्ड में प्रस्ताव के बाद भी सरकारी मदरसों में अनिवार्य विषयों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्र ने कहा कि मदरसों में विज्ञान और गणित विषयों को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाने की बात चर्चा में आई है, लेकिन इस तरह का कोई दिशानिर्देश ऊपर से नहीं आया है। आएगा तो उस हिसाब से व्यवस्था बनाई जाएगी।