पूर्व माध्यमिक विद्यालय भट्ठी, लोहता में 425 से अधिक बच्चे हैं। यहां शिक्षकों की संख्या 17 है, जिसमें 15 शिक्षक और दो अनुदेशक हैं। इसमें हेडमास्टर राजेंद्र शर्मा समेत 14 की ड्यूटी लगा दी गई है। सभी प्रशिक्षण ले रहे हैं और विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई दो अनुदेशक और एक शिक्षक के भरोसे है।
हेडमास्टर ने बताया कि उनका काम मिड-डे मील बनवाने से लेकर विद्यालय की देखरेख और कागजी कार्रवाई तक होता है। ऐसे में उनकी ड्यूटी लगने से विद्यालय का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। यही हाल पूरे जिले का है। अधिकतर विद्यालयों की स्थिति यह है कि कक्षा आठ तक के विद्यालयों में शिक्षा मित्र सहित पांच-छह शिक्षक हैं, जिसमें एक को छोड़कर बाकी सभी की जनगणना प्रशिक्षण में एक ही बैच में ड्यूटी लगा दी गई है।
महिला शिक्षकों की ड्यूटी उनके विद्यालय से 50 किमी दूर, विरोध
प्रशिक्षण के बाद दो चरणों में जनगणना का काम होगा। इसके लिए ड्यूटी चार्ट तैयार हो गया है। कई महिला शिक्षकों की ड्यूटी उनके विद्यालय से 20 से 30 और 50 किलोमीटर तक दूर ग्रामीण क्षेत्रों में लगा दी गई है। इसका अंदरखाने विरोध शुरू हो गया है।
रोहनिया के जगतपुर क्षेत्र के विद्यालय की एक महिला शिक्षिका की ड्यूटी आराजी लाइन ब्लॉक के दूर ग्रामीण क्षेत्र में लगा दी गई है। ऐसे में एक दिन में आना-जाना और काम करके लौटना संभव नहीं होगा। इसी तरह अनेई, बड़ागांव की शिक्षिका की ड्यूटी पिंडरा के ग्रामीण क्षेत्रों में लगा दी गई है।
जनगणना का पहला चरण 22 मई से शुरू होकर 20 जून तक चलेगा। इस दौरान विद्यालयों में अवकाश रहेगा। जनगणना का दूसरा चरण सर्दियों में होगा, तब भी अवकाश रहेगा। ऐसे में जनगणना के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। - अनुराग श्रीवास्तव, बीएसए, वाराणसी